सवाई माधोपुर जिला कारागृह का निरीक्षण, बंदियों को विधिक सहायता का भरोसा


जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने जेल व्यवस्थाओं का लिया जायजा, सुधारात्मक गतिविधियों और निःशुल्क विधिक सहायता पर दिया जोर।

सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार 16 जुलाई 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश देवेंद्र दीक्षित ने जिला कारागृह का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सुधारात्मक गतिविधियों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कारागृह का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों के व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से पुनः जोड़ना भी है।

बंदियों से किया सीधा संवाद

निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश देवेंद्र दीक्षित ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं, न्यायालयों में लंबित मामलों, अधिवक्ता की उपलब्धता, पारिवारिक संपर्क तथा स्वास्थ्य संबंधी विषयों की जानकारी ली। जिन बंदियों ने विधिक सहायता की आवश्यकता बताई, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने तथा आवश्यक कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया गया।

रसोई, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उन्होंने कारागृह की रसोई का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही पेयजल, चिकित्सकीय सुविधाएं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा प्रबंधों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कारागृह प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रत्येक बंदी को गरिमापूर्ण एवं मानवीय वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

पात्र बंदियों को मिले समयबद्ध विधिक सहायता

न्यायाधीश ने विचाराधीन बंदियों के मामलों की नियमित समीक्षा करने, पात्र बंदियों को समयबद्ध विधिक सहायता उपलब्ध कराने तथा आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्याय तक समान पहुंच प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और आर्थिक अभाव किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं कर सकता।

नालसा स्प्रूहा योजना की दी जानकारी

उन्होंने बंदियों को नालसा स्प्रूहा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि जेल में निरुद्ध बंदियों के आश्रितों तथा अपराध पीड़ितों के आश्रितों को भी निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार प्राप्त है। साथ ही बंदियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और विधिक प्रक्रियाओं के संबंध में भी जागरूक किया गया।

सुधारात्मक गतिविधियों पर दिया विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह के उपाधीक्षक बिहारी लाल एवं जेलर मोहम्मद आरिफ को निर्देश दिए गए कि जेल प्रशासन केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित न रहे, बल्कि योग, कौशल विकास, शिक्षा, पुस्तकालय, परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य जैसी सुधारात्मक गतिविधियों को भी प्राथमिकता दे, ताकि सजा पूरी होने के बाद बंदी समाज में जिम्मेदार नागरिक के रूप में पुनः स्थापित हो सकें।

इस दौरान समीक्षा गौतम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागृह का साप्ताहिक निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के समय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल, चीफ एलएडीसी राधेश्याम जोगी एवं अधिकार मित्र सुनीता जोनवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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