न्यायिक अधिकारियों और पैनल अधिवक्ताओं ने बच्चों को अपहरण, शोषण, बाल तस्करी और बाल श्रम से बचाव की जानकारी दी
सवाई माधोपुर, 15 सितंबर 2026। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर सवाई माधोपुर न्याय क्षेत्र के न्यायिक अधिकारियों एवं पैनल अधिवक्ताओं द्वारा “स्ट्रेंजर डेंजर- नो, गो, टेल” (अजनबी से सावधान- मना करो, दूर जाओ, बताओ) विषय पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से लगभग 2350 बच्चों को जागरूक किया गया।
विभिन्न विद्यालयों में आयोजित किए गए जागरूकता शिविर
जिला मुख्यालय सवाई माधोपुर पर विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-01 मीनाक्षी जैन द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दोंदरी में, विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-02 प्रेमराज सिंह चन्द्रावत द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पचीपल्या में, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बाडोलास में, प्रिंसीपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड निधि शर्मा द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नयापुरा में तथा सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपांजलि जादौन द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हिंगोनी में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
इसी प्रकार तालुका गंगापुर सिटी पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-02 रेशमा खान द्वारा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय उदेई कलां में, अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी अमित चौधरी द्वारा महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय तलावड़ा में, अति. सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01 भरत पूनियां द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरगढ में तथा अति. सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02 मीनाक्षी चौधरी द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मालियों की चौकी में शिविर लगाए गए।
तालुका बौंली पर अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति विकास नेहरा द्वारा गोल्डन उच्च माध्यमिक विद्यालय बौंली में तथा तालुका खण्डार पर अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति रविन्द्र कुमार कुंतल द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मेई खुर्द में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
पैनल अधिवक्ताओं ने भी बच्चों को किया जागरूक
इसी प्रकार डिप्टी एलएडीसी वीरेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छारोदा में, पैनल अधिवक्ता नंदकिशोर बैरवा द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रईथा में, चन्द्रप्रकाश जांगिड द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अजनोटी में, प्रशांत गुप्ता द्वारा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय जटवाडा कलां में, मुकेश बंसल द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दोबड़ा कलां में तथा बृजेन्द्र विजयवर्गीय द्वारा महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय श्यामपुरा में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
मनीष कुमार अग्रवाल द्वारा मित्तल आदर्श सीनियर सैकण्डरी स्कूल गंगापुर सिटी में, रविशंकर शर्मा एवं रामस्वरूप टटवाल द्वारा संगम चिल्ड्रन एकेडमी गंगापुर सिटी में, हेमेन्द्र कुमार शर्मा द्वारा जिनेन्द्र आदर्श माध्यमिक विद्यालय गंगापुर सिटी में, दिलीप कुमार द्वारा राजस्थान विद्यापीठ सैकण्डरी स्कूल गंगापुर सिटी में, तन्वय श्रीवास्तव द्वारा भगवती सीनियर सैकण्डरी स्कूल गंगापुर सिटी में, प्रतिभा सोनी द्वारा आर्य बाल सीनियर सैकण्डरी स्कूल गंगापुर सिटी में, संतोष वर्मा द्वारा सुभाष चिल्ड्रन सीनियर सैकण्डरी स्कूल गंगापुर सिटी में तथा नीरज खण्डेलवाल द्वारा अरिहन्त सीनियर सैकण्डरी स्कूल गंगापुर सिटी में जागरूकता शिविर लगाए गए।
इसके अलावा रामसिंह मीना द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुर्जर बड़ौदा एवं बादामी देवी स्कूल शितोड में तथा मोहम्मद जाहिद शिरवानी द्वारा लक्ष्य माध्यमिक विद्यालय बौंली में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
अपहरण और शोषण से बचाव की दी जानकारी
आयोजित शिविरों में बच्चों को अपहरण एवं शोषण से बचाव, बाल तस्करी तथा बाल श्रम जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। बच्चों को बताया गया कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति द्वारा दिए गए प्रलोभन, लालच या बहकावे में नहीं आना चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति उन्हें कहीं साथ चलने, कोई वस्तु देने अथवा किसी प्रकार का लालच देने का प्रयास करे तो ऐसी स्थिति में नो, गो एवं टेल के सिद्धांत को अपनाना चाहिए। बच्चों को समझाया गया कि खतरा महसूस होने पर तुरंत खतरे को पहचानें, स्पष्ट रूप से मना करें, सुरक्षित स्थान की ओर जाएं और घटना की जानकारी किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 को दें।
शिविर के दौरान अपहरण के कारणों तथा इसके बच्चों के जीवन पर पड़ने वाले शारीरिक एवं मानसिक प्रभावों और स्वयं की सुरक्षा के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई।
बाल तस्करी और बाल श्रम को लेकर भी जागरूक किया
इसके अतिरिक्त बच्चों को बाल तस्करी, बाल श्रम, जबरन भीख मंगवाने एवं बच्चों के शोषण जैसी समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015, लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं) योजना 2024 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई।
बच्चों को बताया गया कि कानून द्वारा बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, संरक्षण, पुनर्वास एवं उनके सर्वोत्तम हित को विशेष महत्व दिया गया है। किसी भी बच्चे के साथ अपराध या शोषण होने की स्थिति में उसे विधिक सहायता एवं संरक्षण प्राप्त करने का अधिकार है।
सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की दी सलाह
जागरूकता शिविरों में बच्चों को सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया गया। उन्हें समझाया गया कि सोशल मीडिया पर अपना पता, मोबाइल नंबर, पासवर्ड, स्कूल की जानकारी, निजी फोटो अथवा अन्य व्यक्तिगत जानकारी अज्ञात व्यक्तियों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
किसी अनजान व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन दोस्ती, चैट, वीडियो कॉल अथवा मिलने का दबाव बनाए जाने पर बच्चों को तत्काल इसकी जानकारी अपने माता-पिता अथवा शिक्षक को देने की सलाह दी गई।
सावधानी और समय पर सूचना देने का संदेश
शिविर के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि सावधानी, जागरूकता और समय पर सूचना देना ही बाल अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। बच्चों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने साथियों एवं अन्य बच्चों को भी उनकी सुरक्षा और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करें।
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