मुख्य बाजार की सड़क डेढ़ साल से बदहाल, पार्षदों ने ईओ को सौंपा ज्ञापन, दो दिन में कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान
शाहपुरा। प्रदेश में भाजपा सरकार और शाहपुरा में भाजपा विधायक होने के बीच नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड शहर के विकास कार्यों को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहा है। बोर्ड गठन के बाद भी शहर में विकास कार्यों को अपेक्षित गति नहीं मिलने का मुद्दा अब सामने आने लगा है। इसी को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) को ज्ञापन सौंपकर बदहाल सड़क सहित शहर की विभिन्न मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग की है।
कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक परिस्थितियों और कथित दबाव के चलते जरूरी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर दो दिन के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो अधिशासी अधिकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
मुख्य बाजार की सड़क डेढ़ साल से बदहाल, आमजन परेशान
कांग्रेस पार्षदों ने ज्ञापन में बताया कि बालाजी की छतरी से मुख्य बाजार होते हुए त्रिमूर्ति स्मारक तक जाने वाली सड़क करीब डेढ़ साल से बदहाल है। इसके बावजूद सड़क के निर्माण को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इस मार्ग से प्रतिदिन व्यापारी, दुकानदार और आमजन आवागमन करते हैं, जिन्हें सड़क की खराब स्थिति के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षदों ने मांग की कि आमजन की सुविधा और बाजार में सुचारू आवागमन को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण का कार्य प्राथमिकता से करवाया जाए। उनका कहना है कि मुख्य बाजार शहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां की सड़क की स्थिति में सुधार करना जरूरी है।
विकास कार्यों की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस पार्षदों ने शहर में विकास कार्यों की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। पार्षदों का आरोप है कि राजनीतिक द्वेषभावना और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत के चलते जरूरत वाले स्थानों पर सड़क निर्माण नहीं करवाया जा रहा, जबकि अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।
पार्षदों ने कलिंजरी गेट सहित अन्य स्थानों पर करवाए जा रहे निर्माण कार्यों की प्राथमिकता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से मांग की कि सभी विकास कार्यों का निष्पक्ष आकलन किया जाए और जनहित तथा वास्तविक आवश्यकता के आधार पर निर्माण कार्यों का चयन किया जाए।
हालांकि, राजनीतिक द्वेषभावना और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
सफाई व्यवस्था और खराब रोड लाइटों को दुरुस्त करने की मांग
कांग्रेस पार्षदों ने सड़क निर्माण के साथ शहर की दूसरी मूलभूत समस्याओं को भी ज्ञापन में शामिल किया। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और बाजारों से कचरे का समय पर निस्तारण करवाने की मांग की।
इसके अलावा, शहर में खराब पड़ी रोड लाइटों को दुरुस्त करवाने की मांग भी उठाई गई। पार्षदों का कहना है कि सड़क, सफाई और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाओं का सुचारू संचालन शहरवासियों के लिए आवश्यक है। इसलिए नगर पालिका प्रशासन को इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
दो दिन का अल्टीमेटम, ईओ कार्यालय के बाहर धरने की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो वे अधिशासी अधिकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।
पार्षदों की इस चेतावनी के बाद अब नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। मुख्य बाजार की बदहाल सड़क, नियमित सफाई, कचरा निस्तारण और खराब रोड लाइटों से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन के अगले कदम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
कांग्रेस बोर्ड के सामने विकास कार्यों को लेकर चुनौती
नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड होने के बावजूद विकास कार्यों को लेकर उठ रहे सवालों ने स्थानीय राजनीति को चर्चा में ला दिया है। प्रदेश में भाजपा सरकार और शाहपुरा में भाजपा विधायक के बीच कांग्रेस बोर्ड के सामने शहर की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने की चुनौती बनी हुई है।
पार्षदों ने विकास कार्यों में कथित राजनीतिक दबाव का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जनहित को प्राथमिकता देने की मांग की है। वहीं, दीपावली से पहले शहर की सफाई व्यवस्था, सड़क और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार करना भी नगर पालिका के लिए महत्वपूर्ण है।
अब यह देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन दो दिन के भीतर ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या बदहाल सड़क सहित अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं।
ज्ञापन देने वालों में ये पार्षद रहे शामिल
अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में पार्षद लादू लाल चावला, मधु पोंड्रिक, शांति देवी, पप्पू कहार, युवराज रेगर, यूनुस खान और किशन कहार शामिल रहे। इनके साथ पार्षद प्रतिनिधि मुन्ना खां, समीम बानो, तबस्सुम बानो और चेतन रेगर सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
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Bhilwara, Rajasthan
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