महिला पर्यवेक्षक शशि बाला ने ली त्रैमासिक बैठक, बच्चों के वजन, लंबाई, एफआरएस और भाषा विकास को लेकर दिया प्रशिक्षण
सूरौठ। महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक शशि बाला ने बुधवार को सूरौठ परिक्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की त्रैमासिक बैठक ली। कस्बा सूरौठ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 7 में आयोजित बैठक में पोषाहार वितरण, बच्चों की अपार आईडी बनाने और अन्य विभागीय कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही बच्चों के शारीरिक, भाषाई, सामाजिक और भावनात्मक विकास से संबंधित विषयों पर भी जानकारी दी गई।
पोषाहार वितरण और अपार आईडी बनाने के निर्देश
बैठक में महिला पर्यवेक्षक शशि बाला ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्रों पर पोषाहार वितरण की व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की अपार आईडी बनाने तथा एफआरएस से संबंधित कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया।
इसके अलावा, बच्चों के वजन और लंबाई से संबंधित जानकारी की एंट्री समय पर करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभागीय कार्यों में नियमितता बनाए रखने और निर्धारित जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने के लिए कहा।
बच्चों के भाषा विकास के बारे में दी जानकारी
त्रैमासिक बैठक में पर्यवेक्षक शशि बाला, सीएमएफ सौभाग्य सहारिया, मोनू शर्मा और जितेंद्र शर्मा ने बच्चों के भाषा विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों में सुनने, बोलने और समझने की क्षमता को किस प्रकार विकसित किया जा सकता है।
बैठक में बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास पर भी चर्चा की गई। साथ ही बच्चों के साथ बातचीत करने के महत्व के बारे में बताया गया। कार्यकर्ताओं को समझाया गया कि शुरुआती उम्र में बच्चों को सीखने के बेहतर अवसर देना उनके समग्र विकास में सहायक होता है।
खेल-खेल में बच्चों को सिखाने के तरीके बताए
बैठक के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की भाषा संबंधी क्षमताओं को विकसित करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। उन्हें केंद्र पर बच्चों के साथ खेल-खेल में बातचीत करने, कहानी सुनाने, कविता सुनाने और चित्र दिखाकर नई बातें समझाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यकर्ताओं को बताया गया कि बच्चों के साथ नियमित संवाद करने से उनकी सुनने, बोलने और समझने की क्षमता को बढ़ावा दिया जा सकता है। कहानी, कविता और चित्रों के माध्यम से बच्चों को सीखने के लिए प्रोत्साहित करना भी भाषा विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
समय पर कार्य पूरे करने पर दिया जोर
बैठक में महिला पर्यवेक्षक ने पोषाहार वितरण, बच्चों के वजन और लंबाई की एंट्री तथा अपार आईडी बनाने के कार्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। विभागीय कार्यों के साथ बच्चों के विकास से जुड़ी गतिविधियों पर भी नियमित ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में सूरौठ परिक्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। त्रैमासिक बैठक के माध्यम से कार्यकर्ताओं को विभागीय जिम्मेदारियों और बच्चों के सर्वांगीण विकास से संबंधित गतिविधियों के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
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Karauli, Rajasthan
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