श्रावण मास में भव्य कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय शिवमहापुराण कथा शुरू, शिवतत्त्व और सनातन संस्कृति का दिया गया संदेश।
शाहपुरा। श्रावण मास की पावन बेला में शाहपुरा में नौ दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ शनिवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति के वातावरण में हुआ। श्रीनाथजी भक्त मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत भव्य मंगल कलश यात्रा से हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे नगर में “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूर्णतः शिवमय हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ निंबार्क तीर्थ से पधारे वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच मंगल कलश पूजन एवं श्री शिवमहापुराण ग्रंथ के विधिवत पूजन के साथ हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात नगर के प्राचीन श्री भाणा गणेशजी मंदिर से भव्य मंगल कलश शोभायात्रा निकाली गई।
सैकड़ों महिलाओं ने निकाली मंगल कलश यात्रा
शोभायात्रा में पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सजी-धजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भाग लिया। यात्रा त्रिमूर्ति चौराहा, मुख्य बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई माहेश्वरी पंचायत भवन स्थित कथा स्थल पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयघोष किए, जबकि विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
श्याम सेवा समिति, गणेश सेवा समिति तथा स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए धार्मिक आयोजन की सराहना की। पुष्पवर्षा और शिवभक्ति से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया।
शिवमहापुराण मानव जीवन का दिव्य मार्गदर्शक: गजेन्द्र गोपाल महाराज
कथा स्थल पर व्यासपीठ पूजन एवं दीप प्रज्वलन के बाद जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्रीश्रीजी महाराज के परम शिष्य गजेन्द्र गोपाल महाराज ने प्रथम दिवस की कथा में शिवमहापुराण के महात्म्य का विस्तृत वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि शिवमहापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का दिव्य प्रकाशपुंज है, जो मानव जीवन को धर्म, ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष का मार्ग दिखाता है। भगवान शिव करुणा, समता, त्याग और लोककल्याण के सर्वोच्च प्रतीक हैं तथा शिवमहापुराण का श्रवण मनुष्य के पापों का नाश कर उसे आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है।
श्रावण मास में कथा श्रवण का बताया विशेष महत्व
महाराज ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना और शिवमहापुराण कथा का श्रवण विशेष फलदायी माना गया है। इस पावन काल में श्रद्धापूर्वक कथा सुनने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
प्रथम दिवस की कथा में सृष्टि की उत्पत्ति, शिवतत्त्व की महिमा तथा भगवान शिव की अनंत सत्ता का मार्मिक वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि समस्त ब्रह्मांड का मूल तत्व शिव हैं और जब मनुष्य अहंकार एवं विकारों से ऊपर उठकर शिवतत्त्व को अपने जीवन में अपनाता है, तभी उसका वास्तविक कल्याण संभव होता है।
9 अगस्त तक प्रतिदिन होगी शिवमहापुराण कथा
श्रीनाथजी भक्त मंडल के प्रवक्ता अभिषेक सोनी ने बताया कि यह नौ दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा 9 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे माहेश्वरी पंचायत भवन में आयोजित होगी। कथा के दौरान भगवान शिव के विभिन्न दिव्य चरित्रों, सनातन संस्कृति के आदर्शों और जीवनोपयोगी आध्यात्मिक प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा।
उन्होंने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ की अमृतमयी कथा का श्रवण करने और अपने जीवन को धर्म, भक्ति एवं संस्कारों से समृद्ध बनाने का आह्वान किया।
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Bhilwara, Rajasthan
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