अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आयोजन में शिक्षा, संस्कार और भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त बनाने पर दिया गया जोर।
शाहपुरा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा), जिला शाहपुरा के तत्वावधान में आदर्श विद्या मंदिर, गांधीपुरी में गुरुवार को गुरु वंदन कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों का सम्मान करते हुए भारतीय शिक्षा परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध, शिक्षा में संस्कार और राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों शिक्षक एवं शिक्षा अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में गुरु के प्रति श्रद्धा, शिक्षा के प्रति समर्पण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अतिथियों का भारतीय संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक रीति-रिवाजों से स्वागत एवं सम्मान किया गया।
गुरु राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला : महेंद्र लखारा
मुख्य अतिथि एवं प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का सर्वोच्च स्थान है और प्रत्येक शिक्षक का दायित्व है कि वह अपने श्रेष्ठ आचरण, नैतिक मूल्यों और जीवन शैली से विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण करे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान, अनुशासित, संवेदनशील और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बनाना भी शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
भारतीय शिक्षा परंपरा को पुनः सशक्त बनाने की आवश्यकता
मुख्य वक्ता सूर्य प्रकाश शर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि चरित्रवान और राष्ट्रभक्त नागरिक तैयार करना है। उन्होंने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की आत्मीयता का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा को भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा में संस्कारों का समावेश ही समाज के संतुलित विकास का आधार बन सकता है।
विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करें शिक्षक
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश उपाध्यक्ष भंवर सिंह राठौड़ ने कहा कि शिक्षक समाज का पथप्रदर्शक और भविष्य का निर्माता होता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि एवं संभाग संगठन मंत्री महेश कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक संगठन केवल शिक्षकों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन करता है। उन्होंने कहा कि गुरु वंदन जैसे आयोजन नई पीढ़ी में गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना विकसित करते हैं।
शिक्षकों ने लिया भारतीय शिक्षा दर्शन को मजबूत बनाने का संकल्प
जिलाध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान समाज के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान है। ऐसे आयोजन शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन, भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण तथा विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्यनारायण कुमावत, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा, विभाग संगठन मंत्री महेश कुमार शर्मा (केकड़ी), प्रशांत चौधरी, शंकरलाल जाट, राजेश माली, चंद्रशेखर शर्मा, धारा सिंह मीणा, अनिल बघेरवाल, लोकेश धाभाई सहित अनेक शिक्षा अधिकारी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा, जिला मंत्री अमर सिंह चौहान, इंदिरा धूपिया, शांतिलाल पोखरण, सीताराम जाट, हनुमान प्रसाद शर्मा, मुकेश कुमावत, प्रिया सोनी सहित जिलेभर से आए सैकड़ों शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन पर सभी शिक्षकों ने भारतीय शिक्षा दर्शन, सांस्कृतिक मूल्यों और गुरु-शिष्य परंपरा को सुदृढ़ बनाते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता और राष्ट्रसेवा की भावना से परिपूर्ण बनाने का संकल्प लिया।
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Bhilwara, Rajasthan
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