श्यारौली में जलभराव से परेशानी, भैरव धाम मेले से पहले समाधान की मांग


गंगापुर-हिंडौन मुख्य सड़क पर करीब 20 दिन से पानी भरा, राहगीरों, ग्रामीणों, यात्रियों और स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी

श्यारौली। भैरव धाम में 17 सितंबर को आयोजित होने वाले मेले से पहले श्यारौली गांव में गंगापुर सिटी-हिंडौन सिटी मुख्य सड़क पर लंबे समय से हो रहे जलभराव को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क पर पानी भरा होने के कारण इस मार्ग से निकलने वाले राहगीरों, ग्रामवासियों, श्री भैरवनाथ जी मंदिर जाने वाले यात्रियों और स्कूली बच्चों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

समाजसेवी बलराम सिंह धनवाल ने जलभराव की समस्या के अविलंब उचित समाधान के लिए एक बार फिर प्रशासन से अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव श्यारौली में लगभग 20 दिन से गंगापुर-हिंडौन मुख्य सड़क पर जलभराव हो रहा है। इसके कारण आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है, लेकिन संबंधित प्रशासन समस्या के समाधान में पूर्ण रूप से विफल रहा है।

भैरव धाम मेले से पहले बढ़ सकती है परेशानी

श्यारौली स्थित श्री भैरवनाथ जी मंदिर में 17 सितंबर को मेला आयोजित होना है। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों के इस मार्ग से गुजरने की संभावना है। सड़क पर जलभराव रहने से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बलराम सिंह धनवाल ने प्रशासन से पुनः निवेदन करते हुए कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अविलंब जलभराव की उचित निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि राहगीरों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जलभराव का मुख्य कारण बताया

समाजसेवी बलराम सिंह धनवाल के अनुसार उक्त स्थान पर सड़क को नीचा बना दिया गया है और पानी निकासी का डिस्पोजल पॉइंट नहीं बनाया गया। इसके अलावा जहां पानी रुका हुआ है, वहां से सड़क को ऊंचा बना दिया गया है। उनका कहना है कि इसी कारण सड़क पर पानी जमा हो रहा है और उसकी निकासी नहीं हो पा रही है।

नालियों को वजीरपुर की ओर बढ़ाने की मांग

जलभराव के समाधान के संबंध में उन्होंने प्रशासन के सामने सुझाव रखते हुए कहा कि सड़क के किनारे दोनों ओर बनी नालियों को वजीरपुर की ओर श्री कल्लाकी बालाजी मंदिर के पास तक बढ़ाया जाए। मंदिर के पास गैर मुमकिन नाला है, जिसका खसरा नंबर 1477 है। उनका कहना है कि इस नाले में पानी की निकासी आसानी से की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि सड़क की कुल भूमि की चौड़ाई 84 फीट है, जो लगभग नाले तक पहुंच जाती है। ऐसे में सड़क की भूमि का उपयोग करते हुए पानी की निकासी का उचित समाधान निकाला जा सकता है।

आबादी के अंदर से पानी निकासी का विरोध

बलराम सिंह धनवाल ने कहा कि गांव के कुछ लोग प्रशासन को गुमराह करने के लिए आबादी के अंदर से पानी की निकासी की बात करते हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोग यह बताते हैं कि पहले पानी आबादी के अंदर से निकलता था, लेकिन यह नहीं बताते कि पानी आखिरकार इसी नाले में जाता था।

उन्होंने कहा कि पहले उक्त मार्ग में न के बराबर आबादी क्षेत्र आता था। आबादी के अंदर से पानी जाने का एक मुख्य कारण यह था कि PWD की सड़क आबादी के अंदर से निकलती थी। अब मेगा हाइवे बनने के बाद पानी की निकासी के लिए नालियां बनी हुई हैं, लेकिन डिस्पोजल पॉइंट नहीं बनाया गया, जिसके कारण पानी की निकासी नहीं हो रही है।

आबादी के अंदर पानी निकासी से नुकसान की आशंका

बलराम सिंह धनवाल ने आबादी के अंदर से पानी निकासी की मांग करने वालों से प्रशासन का सहयोग करने और उसे गुमराह नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आबादी के अंदर सड़कें ऊंची बनाई गई हैं और यह सही है, ताकि सड़क का पानी आबादी के अंदर नहीं आए बल्कि सड़क के किनारे-किनारे गैर मुमकिन नाले तक पहुंच जाए।

उन्होंने कहा कि यदि आबादी के अंदर से पानी कहीं दूसरे उचित स्थान पर जाता है तो इस बात में दम हो सकता है, लेकिन यदि पानी उसी नाले में जाना है तो आबादी के अंदर से पानी निकालना उचित समाधान नहीं है।

उनके अनुसार यदि पानी आबादी के अंदर से निकाला जाता है तो भारी नुकसान हो सकता है। आबादी के अंदर मार्ग भी संकरा है, जबकि पाइप लाइन अभी नई डाली गई है और नल कनेक्शन भी हुए हैं। ऐसे में आबादी के अंदर से पानी की निकासी करने पर आमजन और प्रशासन को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सड़क की भूमि से समाधान निकालने की अपील

बलराम सिंह धनवाल ने कहा कि वर्तमान में सड़क की भूमि की कुल चौड़ाई 84 फीट है। उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि सड़क वाले विभाग के पास पानी निकासी के लिए भूमि उपलब्ध है। यदि किसी की खातेदारी भूमि की आवश्यकता पड़ती है तो प्रशासन द्वारा उचित मुआवजा दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सभी लोग उचित समाधान के लिए प्रशासन को बाध्य करने में सहयोग करें और आबादी के अंदर से पानी निकासी की बात करना बंद करें।

पिछले वर्ष की व्यवस्था का भी किया उल्लेख

बलराम सिंह धनवाल ने आरोप लगाया कि गत वर्ष कुछ लोगों के बहकावे में आकर प्रशासन ने आबादी और कृषि भूमि में होकर गलत तरीके से पानी की निकासी की थी, जिससे आमजन को भारी नुकसान हुआ।

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अब ऐसा अन्याय करवाने का प्रयास नहीं किया जाए। उन्होंने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए सड़क के किनारे-किनारे ही पानी की उचित निकासी का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

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