भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। भारतीय खान ब्यूरो (IBM), अजमेर क्षेत्र के मार्गदर्शन में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की रामपुरा आगूचा खदान द्वारा टीबी (क्षय रोग) के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष सत्रों का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदाय, विद्यार्थियों और खदान कर्मियों को टीबी के लक्षणों और उपचार के प्रति जागरूक करना था।
विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी: जागरूकता सत्रों में भारतीय खान ब्यूरो के क्षेत्रीय खनन भूवैज्ञानिक दिलीप जैन और सहायक खनन अभियंता पुष्कर कुलकर्णी सहित जिंक अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक गौतम उपस्थित रहे। चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार खांसी, बुखार और वजन में कमी टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी जरूर है, लेकिन सही समय पर नियमित उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो सकती है।
रोकथाम और सरकारी सुविधाएं: कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्वच्छता बनाए रखने, खांसते समय मुंह ढकने और पोषक आहार लेने की सलाह दी गई। साथ ही, सरकार द्वारा संचालित निःशुल्क जांच एवं उपचार सुविधाओं की जानकारी साझा की गई। यह अभियान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में जिंक विद्यालय के प्राचार्य आशीष विजयवर्गीय सहित खदान के वरिष्ठ अधिकारी और स्टाफ मौजूद रहा।
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