प्रशासन द्वारा पत्रकार की आजीविका नष्ट करने और झूठे मुकदमों के खिलाफ धरने के 16वें दिन जार पदाधिकारियों ने 16 अप्रैल को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया
जयपुर।पंकज शर्मा। प्रशासन की कथित आड़ में एक पत्रकार की आजीविका को सुनियोजित ढंग से नष्ट करने और उसके विरुद्ध दर्ज किए गए झूठे मुकदमों के विरोध में चल रहा लोकतांत्रिक संघर्ष अब और मुखर हो चला है। मुख्यमंत्री महोदय से निष्पक्ष जांच हेतु ज्ञापन सौंपने की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन धरने के 16वें दिन आज आंदोलनकारियों के बीच ‘जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान’ (जार) के शीर्ष नेतृत्व ने उपस्थिति दर्ज कराकर संघर्ष को नई ऊर्जा प्रदान की। प्रदेशाध्यक्ष हरिवल्लभ मेघवाल तथा संगठन महामंत्री दीपक पंवार ने धरना स्थल पर पहुंचकर न केवल आंदोलनरत पत्रकारों का कुशल मंगल जाना, बल्कि प्रशासन की तानाशाही पूर्ण कार्यशैली की कड़े शब्दों में भर्त्सना भी की। जार संगठन के पदाधिकारियों ने इस संघर्ष को न्याय और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अनिवार्य बताते हुए स्पष्ट किया कि पत्रकार समाज किसी भी सूरत में अपने साथी का उत्पीड़न सहन नहीं करेगा। प्रदेशाध्यक्ष मेघवाल ने इस दौरान आंदोलनकारियों की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए आगामी 16 अप्रैल को संगठन की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान करने का ठोस आश्वासन दिया। यह घटनाक्रम पत्रकारिता जगत में व्याप्त रोष और न्याय की प्रतीक्षा को रेखांकित करता है, जहाँ एक ओर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं, वहीं दूसरी ओर जार संगठन की सक्रियता ने इस मुद्दे को अब प्रदेश स्तरीय चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। 16 अप्रैल को होने वाली प्रस्तावित गतिविधियों और संगठन की सहभागिता से इस मांग को और अधिक बल मिलना तय माना जा रहा है।
2014 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2015 से 2021 तक गंगापुर सिटी पोर्टल (G News Portal) का बतौर एडिटर सञ्चालन किया। 2017 से 2020 तक उन्होंने दैनिक समाचार पत्र राजस्थान खोज खबर में काम किया। 2021 से 2022 तक दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज और साधना न्यूज़ में। 2021 से अब तक वे आवाज आपकी न्यूज पोर्टल और गंगापुर हलचल (साप्ताहिक समाचार पत्र) में संपादक और पत्रकार हैं। साथ ही स्वतंत्र पत्रकार हैं।