मौसमी बीमारियों, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, टीबी, एनीमिया और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा कर समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
डीग। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विजय कुमार सिंघल की अध्यक्षता में बुधवार को ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) एवं महिला स्वास्थ्य कर्मियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्षा ऋतु के दौरान मौसमी बीमारियों की रोकथाम, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, गैर-संचारी रोग, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी एवं एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. विजय कुमार सिंघल ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मौसमी बीमारियों पर सतर्क रहने के निर्देश
बैठक में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं मौसमी बुखार की रोकथाम को लेकर फील्ड स्टाफ को सक्रिय सर्विलांस करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि बुखार के प्रत्येक मरीज की रक्त पट्टिका (ब्लड स्लाइड) अनिवार्य रूप से बनाई जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी-लार्वा गतिविधियों और स्रोत नियंत्रण अभियान में तेजी लाई जाए।
हाई रिस्क गर्भवतियों की होगी विशेष निगरानी
जिला प्रजनन एवं शिशु रोग अधिकारी डॉ. धर्मवीर फौजदार ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान एवं शत-प्रतिशत लाइन-लिस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए जिला अस्पताल स्तर पर आवश्यक रक्त की अग्रिम व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
गैर-संचारी रोग और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मानसिंह ने 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की बीपी, शुगर और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग बढ़ाने तथा सभी मरीजों का डेटा तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रामअवतार शर्मा ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मानसिक तनाव, अवसाद और अन्य मानसिक समस्याओं से पीड़ित मरीजों की काउंसलिंग की जाए। गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि टेली मानस सेवा के टोल फ्री नंबर 1800-891-4416 एवं 14416 पर मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध है।
टीबी और एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की समीक्षा
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश चंद मीणा ने टीबी मुक्त राजस्थान एवं एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
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डीग, राजस्थान
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