बौंली में शिफ्टिंग के बाद भी डॉक्टर, पक्की सड़क और सुरक्षा का इंतजार; लाखों की आबादी पर सिर्फ एक चिकित्सक तैनात
बौंली/बामनवास (श्रद्धा ओम त्रिवेदी)। तहसील क्षेत्र के नागरिकों को उस समय बड़ी राहत मिली थी जब पूर्व सरपंच परसादी लाल मीणा और राजेंद्र बाटोदा के प्रयासों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को पुरानी जर्जर बिल्डिंग से नई आधुनिक इमारत में शिफ्ट किया गया। करोड़ों रुपए की लागत से बनी यह नई बिल्डिंग क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही थी, लेकिन जमीनी सच्चाई आज भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। शिफ्टिंग के बाद भी अस्पताल को डॉक्टर, सड़क और सुरक्षा का इंतजार है।
अधूरा ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था नदारद
करोड़ों की लागत से तैयार इस नई सीएचसी बिल्डिंग के चारों ओर अभी तक बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा, मुख्य सड़क से अस्पताल परिसर तक पक्के रास्ते का अभाव है, जिसके कारण मरीजों और एम्बुलेंस को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतनी बड़ी सरकारी संपत्ति होने के बावजूद रात के समय यहां कोई चौकीदार तैनात नहीं रहता, जिससे पूरी बिल्डिंग भगवान भरोसे है।
लाखों की आबादी पर सिर्फ 1 डॉक्टर, स्वीकृत पद खाली
बौंली-बामनवास तहसील क्षेत्र के अंतर्गत लाखों की आबादी आती है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं उस अनुपात में बेहद कम हैं। अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी है:
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स्वीकृत पद: 07 डॉक्टर
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कार्यरत: केवल 01 डॉक्टर
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अन्य स्टाफ: कंपाउंडर और अन्य स्टाफ के कई पद लंबे समय से खाली पड़े हैं।
महिला डॉक्टर नहीं, सोनोग्राफी के लिए भटक रहे मरीज
अस्पताल में स्थाई महिला डॉक्टर (Gynecologist) न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली महिला मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही अस्पताल में सोनोग्राफी जैसी जरूरी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मरीजों को मजबूरन महंगे इलाज और जांच के लिए दूर शहरों का रुख करना पड़ता है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र बरनाला ने कहा:
“नई बिल्डिंग बनना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन जब तक इसमें जरूरी स्टाफ और मशीनें नहीं होंगी, तब तक इसका पूरा लाभ जनता को नहीं मिल पाएगा। भीषण गर्मी के इस मौसम में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में प्रशासन को तुरंत डॉक्टरों की नियुक्ति और अन्य सुविधाओं को सुनिश्चित करना चाहिए।”
प्रशासन को अब जल्द से जल्द डॉक्टरों की भर्ती, बाउंड्री वॉल, सड़क निर्माण और आधुनिक जांच सुविधाओं को बहाल करना होगा, ताकि यह अस्पताल वास्तव में आमजन के लिए राहत का केंद्र बन सके।
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1996 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 1996 से दैनिक भास्कर में बौंली, बामनवास एवं सन 2000 में दैनिक भास्कर ब्यूरो चीफ गंगापुर सिटी। 2003 से पंजाब केसरी और वर्तमान में राष्ट्रदूत। अनेकों चैनल व अखबारों में कार्यरत हैं। आवाज आपकी न्यूज पोर्टल में पत्रकार हैं।