जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग की संयुक्त जांच में लक्जरी बसों के एमवी टैक्स में कथित अनियमितता सामने आई, पुलिस ने जांच शुरू की।
डीग। डीग में बसों के एमवी टैक्स फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग एवं डीग कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान लक्जरी और स्लीपर बसों के मोटर वाहन कर (एमवी टैक्स) में कथित अनियमितताओं का खुलासा हुआ। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 अगस्त को दोपहर करीब 12:30 बजे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामकिशन शर्मा के नेतृत्व में परिवहन विभाग और डीग कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम डीग-पूंछरी मार्ग पर बसों की जांच के लिए निकली थी। ग्राम बहज के समीप लक्जरी, स्लीपर और अन्य बसों की जांच के दौरान यूपी 85 एफटी 0142 तथा यूपी 85 जीटी 1955 नंबर की दो बसों का ऑनलाइन पीओएस मशीन के माध्यम से सत्यापन किया गया।
जांच में दोनों वाहनों का एमवी टैक्स जमा नहीं पाया गया, जिसके बाद परिवहन निरीक्षक जगदीश नारायण मीणा ने मौके पर दोनों बसों के चालान जारी किए।
चालकों के बयान से खुला मामला
पूछताछ के दौरान बस चालकों ने संयुक्त टीम को बताया कि वाहन मालिकों की ओर से एमवी टैक्स जमा कराने के नाम पर नकद राशि मानवेन्द्र उर्फ मानवीर नामक व्यक्ति को दी जाती थी। चालकों के अनुसार प्रति बस करीब 1,500 रुपये लिए जाते थे, लेकिन इसके बदले कोई रसीद उपलब्ध नहीं कराई जाती थी।
चालकों से मिली जानकारी के आधार पर संयुक्त दल ग्राम बहज स्थित एक कार्यालय पहुंचा, जहां “राजस्थान आरटीओ टैक्स” नाम का बोर्ड लगा हुआ मिला। कार्यालय में दो लैपटॉप और एक प्रिंटर चालू हालत में मिले।
अधिकृत दस्तावेज नहीं दिखा सका संचालक
संयुक्त टीम द्वारा पूछताछ किए जाने पर संबंधित व्यक्ति ने ऑनलाइन एमवी टैक्स से जुड़े कार्य करने की बात स्वीकार की, लेकिन वह इस कार्य के लिए कोई वैध अथवा अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि किशोर सिंह और मानवेन्द्र उर्फ मानवीर के बीच फोन पर बसों के नंबर साझा किए जाते थे और बाद में भुगतान की व्यवस्था की जाती थी। शिकायत के अनुसार इस प्रक्रिया के जरिए राज्य सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने का संदेह है।
बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
परिवहन विभाग के अधिकारी राधेश्याम शर्मा की लिखित रिपोर्ट के आधार पर डीग कोतवाली थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(4) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक मंगतूराम को सौंप दी है। जांच एजेंसियां कार्यालय से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराने के साथ पूरे नेटवर्क और कथित फर्जीवाड़े की विस्तृत पड़ताल में जुटी हैं।
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डीग, राजस्थान
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