शिव महापुराण कथा के छठवें दिन त्रिपुरारी स्वरूप, महामृत्युंजय मंत्र और परोपकार के महत्व पर श्रद्धालुओं को प्रेरक संदेश दिया गया।
डीग। शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के छठवें दिन गुरुवार को श्रद्धालुओं ने भक्ति और आस्था के साथ कथा का श्रवण किया। व्यासपीठ पर विराजमान पंडित मुरारी लाल पाराशर ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यदि मनुष्य शिव कथा का केवल एक शब्द भी अपने जीवन में धारण कर ले, तो उसके मानव जन्म का उद्देश्य सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की करुणा और कृपा संपूर्ण सृष्टि में व्याप्त है। उनकी कृपा के बिना मनुष्य जीवन में कोई भी कार्य सफल नहीं हो सकता। शिव भक्ति व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति, आत्मविश्वास और जीवन में सही दिशा प्रदान करती है।
शिवपुराण का प्रत्येक शब्द प्रेरणादायी
पंडित मुरारी लाल पाराशर ने बताया कि शिवपुराण में लगभग 24 हजार श्लोक हैं और उसका प्रत्येक श्लोक मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि केवल एक श्लोक ही नहीं, बल्कि एक शब्द को भी जीवन में अपनाने से व्यक्ति का जीवन सार्थक हो सकता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से शिवपुराण के उपदेशों को व्यवहारिक जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि धर्म, सेवा और सदाचार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
महामृत्युंजय मंत्र के महत्व पर डाला प्रकाश
कथावाचक ने कहा कि भगवान शिव मृत्युंजय हैं और महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से जीवन में आने वाले अनेक प्रकार के संकटों और कष्टों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं है और दूसरों की पीड़ा दूर करना सबसे श्रेष्ठ पुण्य कार्य माना गया है।
त्रिपुरारी स्वरूप का किया वर्णन
कथा के दौरान पंडित पाराशर ने भगवान शिव के त्रिपुरारी स्वरूप का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा द्वारा निर्मित दिव्य रथ पर ब्रह्मा सारथी बने और भगवान विष्णु बाण स्वरूप में विराजमान हुए। उसी दिव्य रथ पर आरूढ़ होकर भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का संहार किया, जिसके कारण उन्हें त्रिपुरारी के नाम से जाना जाता है।
उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष सदैव लोककल्याणकारी माना गया है और सत्य तथा धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति अंततः विजय प्राप्त करता है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
कथा में भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश बंसल, भाजपा नेता लखपत गुर्जर, एडवोकेट विमलेश धमारी, एडवोकेट मोहिनी गोयल, गिरधारी खंडेलवाल, राधेश्याम गर्ग, दाऊ दयाल नसवारिया, चंद्रभान सैन, रमेश अरोड़ा, राजू काका, रमाकांत नाहरौली वाले, महेश अग्रवाल, ममता बंसल, मालती गुप्ता, गीता तमोलिया, गीता खंडेलवाल, संतोष खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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डीग, राजस्थान
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