भीलवाड़ा में इक्वाइन एक्सीलेंस क्लब ने जंगल में लगाए पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश


जंगल सफारी राइड के दौरान क्लब सदस्यों ने पौधारोपण कर ‘जंगल बचाओ, जीवन बचाओ’ का संदेश दिया और पौधों की देखभाल का संकल्प लिया।

भीलवाड़ा। घुड़सवारी के रोमांच के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इक्वाइन एक्सीलेंस क्लब, भीलवाड़ा की ओर से रविवार को आयोजित जंगल सफारी राइड के दौरान जंगल क्षेत्र में पौधारोपण कार्यक्रम किया गया। क्लब के सदस्यों ने उत्साह के साथ पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लेते हुए आमजन को भी जंगल एवं पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

क्लब की इस पहल का उद्देश्य प्रकृति, घुड़सवारी और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने ‘जंगल बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

जंगल संरक्षण को लेकर दिया जागरूकता संदेश

क्लब सदस्यों ने कहा कि जंगल केवल पेड़-पौधों का समूह नहीं हैं, बल्कि वन्यजीवों, पक्षियों और मानव जीवन के लिए प्राकृतिक आधार हैं। बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन के दौर में जंगलों का संरक्षण तथा अधिक से अधिक पौधारोपण समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

इस अवसर पर क्लब सदस्यों ने जंगल क्षेत्र में पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना केवल शुरुआत है, बल्कि उसे नियमित रूप से पानी देना, उसकी सुरक्षा करना और उसे पेड़ बनने तक संरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है।

घुड़सवारी को प्रकृति संरक्षण से जोड़ा

जंगल सफारी राइड के दौरान क्लब सदस्यों ने घोड़ों के साथ प्राकृतिक वातावरण में भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जंगल और पर्यावरण के महत्व को करीब से महसूस किया तथा प्रकृति संरक्षण को अपनी गतिविधियों का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

क्लब का मानना है कि घुड़सवारी जैसी गतिविधियों को प्रकृति और सामाजिक सरोकारों से जोड़कर पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

अक्षत और राष्ट्रीय प्रशिक्षक शांतनू के नेतृत्व में पहल

हाल ही में स्थापित इक्वाइन एक्सीलेंस क्लब, भीलवाड़ा शहर में घुड़सवारी एवं घोड़ों के प्रशिक्षण को व्यवस्थित और पेशेवर स्वरूप देने की दिशा में कार्य कर रहा है। क्लब का नेतृत्व अक्षत एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक शांतनू कर रहे हैं।

क्लब की ओर से घुड़सवारी में रुचि रखने वाले लोगों को बेहतर प्रशिक्षण देने तथा घोड़ों के साथ सुरक्षित एवं अनुशासित तरीके से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मारवाड़ी घोड़ों के संरक्षण पर भी जोर

क्लब का उद्देश्य केवल घुड़सवारी को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि देश की समृद्ध अश्व परंपरा और विशेष रूप से मारवाड़ी घोड़ों के संरक्षण एवं संवर्धन में भी योगदान देना है।

क्लब से जुड़े सदस्यों का कहना है कि मारवाड़ी घोड़े राजस्थान की गौरवशाली पहचान हैं। इनके संरक्षण के लिए नई पीढ़ी को घुड़सवारी और अश्व संस्कृति से जोड़ना आवश्यक है।

पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प

जंगल सफारी राइड के माध्यम से क्लब ने घुड़सवारी को प्रकृति से जोड़ने की दिशा में पहल की। सदस्यों ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

क्लब की ओर से भविष्य में भी घुड़सवारी प्रशिक्षण, अश्व संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। पौधारोपण अभियान के माध्यम से क्लब ने घुड़सवारी गतिविधियों के साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी को जोड़ने का संदेश दिया।

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