गंगापुर सिटी में सवर्ण समाज की महापंचायत, राजनीतिक दलों के बहिष्कार का निर्णय


ईडब्ल्यूएस आरक्षण की उपेक्षा और यूजीसी से जुड़े मुद्दों के विरोध में निकाय व पंचायत चुनावों में राजनीतिक दलों से दूरी बनाने का फैसला।

गंगापुर सिटी। सवर्ण समाज की महापंचायत रविवार शाम भगवती पैलेस में आयोजित हुई। शाम 7 बजे आयोजित आमसभा में गंगापुर नगर परिषद क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वैश्य, ब्राह्मण, राजपूत एवं अन्य सवर्ण समाज के प्रबुद्धजन और समाजबंधु शामिल हुए। महापंचायत में ईडब्ल्यूएस वर्ग में आरक्षण की कथित उपेक्षा तथा यूजीसी से जुड़े कानूनों के विरोध को लेकर राजनीतिक दलों से दूरी बनाने और आगामी चुनावों में बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।

महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन करता आया है, लेकिन अब समाज अपने हितों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

निकाय और पंचायत चुनाव में राजनीतिक दलों से दूरी का फैसला

महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि आगामी नगर निकाय एवं पंचायत राज चुनावों में किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं दिया जाएगा। वक्ताओं ने राजनीतिक दलों के बहिष्कार की बात रखते हुए कहा कि समाज अपने मुद्दों को लेकर सामूहिक रूप से आगे बढ़ेगा।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों के प्रति विरोध का निर्णय केवल स्थानीय चुनावों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी अपनी रणनीति के अनुसार निर्णय लेने की बात कही गई।

ईडब्ल्यूएस और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जताई नाराजगी

महापंचायत में वक्ताओं ने ईडब्ल्यूएस वर्ग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र लोगों को उनके अधिकारों का प्रभावी लाभ मिलना चाहिए।

इसके साथ ही वक्ताओं ने यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित कानूनों को लेकर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि शिक्षा से जुड़े किसी भी निर्णय का विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। समाज ने इन मुद्दों पर सरकार से पुनर्विचार और स्पष्ट नीति की मांग उठाई।

आरक्षण को लेकर वक्ताओं ने रखा पक्ष

सभा में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका दलित समाज को दिए गए आरक्षण का विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य मुद्दा समान अधिकार, कानून और सवर्ण समाज के युवाओं से जुड़े विषय हैं।

वक्ताओं ने संविधान में समानता और सभी नागरिकों के अधिकारों की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज अपने बच्चों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज मजबूती से उठाएगा।

भाजपा के खिलाफ भी जताया विरोध

महापंचायत में कुछ वक्ताओं ने भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक समर्थन देने के बावजूद सवर्ण समाज को अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि समाज अब राजनीतिक दलों के आश्वासनों के बजाय अपने हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देगा और चुनावों में सामूहिक निर्णय के आधार पर राजनीतिक दलों के प्रति अपना रुख तय करेगा।

आगामी बैठक में बनेगी आगे की रणनीति

महापंचायत के दौरान मंच संचालन महेश पाल सिंह एवं हेमेंद्र बोहरा ने किया। महेश पाल सिंह ने कहा कि सवर्ण समाज की आगामी बैठक शीघ्र बुलाई जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

महापंचायत में राजेंद्र वैद्य, वीके शर्मा, किशनपाल सिंह, गोविंद दीक्षित, दीपक चंद्रप्रकाश पाराशर, वेद प्रकाश मंगल, नरेश दुबे, गोपाल दीक्षित, नीरज काडौल्या, एडवोकेट अनिल दुबे, हरिकिशन भारद्वाज, महेश पाल सिंह, हेमेंद्र बोहरा, मदन मोहन भारद्वाज, शिवचरण अन्ना, सुरेंद्र जैमिनी, गोपाल गर्ग बेराड़ा, निर्मल अमरगढ़िया, कृष्णा, दीपक शास्त्री, कुंदन गुप्ता, देवेंद्र लवली, प्रहलाद, महेश कैमरा, घनश्याम स्काउट, घनश्याम बजाज, राधामोहन गोयल, अवधेश सेवा, श्याम सुंदर, शुभम, अमित, देवेंद्र जैमिनी, मनोज शर्मा, मुकेश व्यास, रामचरण बौहरा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।

महापंचायत के अंत में समाजबंधुओं ने संगठन को मजबूत करने और समाजहित से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

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