चारभुजा धाम में तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन, 15 हजार भक्तों ने ग्रहण की प्रसादी


श्री चारभुजा मित्र मंडल के नेतृत्व में भजन-कीर्तन, छप्पन भोग, महाआरती और विशाल भंडारे के साथ तीन दिवसीय आयोजन सम्पन्न हुआ।

भीलवाड़ा/गढ़बोर। पंकज पोरवाल। चारभुजा धाम में धार्मिक आयोजन के दौरान तीन दिनों तक भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। गढ़बोर चारभुजा धाम में भजन-कीर्तन, भगवान के जयकारों और सेवा-प्रसादी के बीच श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए। छप्पन भोग और महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान श्री चारभुजा नाथ के दर्शन कर धर्मलाभ लिया। वहीं विशाल भंडारे में करीब 15 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था की गई।

श्री चारभुजा मित्र मंडल, भीलवाड़ा के नेतृत्व में रायला के गग्गड़ परिवार की ओर से आयोजित यह तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम होटल मेवाड़ (माधव), मांडवाड़ा टोल के पास 19 से 21 सितंबर तक चला। आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन, छप्पन भोग दर्शन, महाआरती और विशाल भंडारे सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। भीलवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्री चारभुजा नाथ के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

तीन दिनों तक अलग-अलग श्रृंगार और भोग

श्री चारभुजा मित्र मंडल, भीलवाड़ा के राहुल गग्गड़ व अर्चित मूंदड़ा ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन ठाकुरजी का अलग-अलग श्रृंगार किया गया और विविध भोग लगाए गए। कार्यक्रम स्थल पर भगवान का दरबार आकर्षक ढंग से सजाया गया।

भक्ति गीतों और चारभुजा नाथ के जयकारों के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

छप्पन भोग के दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब

आयोजन के तहत 20 सितंबर को दोपहर 1 बजे महाआरती के साथ भगवान श्री चारभुजा नाथ को छप्पन भोग अर्पित किया गया। विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से सजे छप्पन भोग के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

महाआरती के दौरान चारभुजा नाथ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके बाद आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ लिया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की गई।

भजनों ने बांधा भक्ति का रंग

तीन दिवसीय आयोजन के दौरान अलग-अलग दिनों में भजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। 19 सितंबर को भजन गायक पं. देवकीराम शास्त्री, 20 सितंबर को सिंगर सुनील गंधर्व तथा 21 सितंबर को गोवत्स दिव्याशु दाधीच ने भजनों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबोया।

वहीं जगदीश वैष्णव ने भी भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजन संध्या के दौरान श्रद्धालु देर तक भक्ति गीतों में रमते रहे। भजनों के बीच चारभुजा नाथ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

भोजन से लेकर उपचार तक, पदयात्रियों की सेवा

धार्मिक आयोजन के साथ सेवा का भी विशेष स्वरूप देखने को मिला। श्री चारभुजा मित्र मंडल, भीलवाड़ा के संजय लाहोटी व विशाल बाहेती ने बताया कि कार्यकर्ताओं और सदस्यों ने पदयात्रियों की आवभगत के लिए व्यापक व्यवस्थाएं कीं।

पदयात्रा के कारण थकान, जकड़न, मांसपेशियों में दर्द और पैरों में छाले जैसी समस्याओं से परेशान श्रद्धालुओं को फिजियोथैरेपी एवं प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। फिजियोथैरेपी उपकरणों के माध्यम से बड़ी संख्या में पदयात्रियों को राहत दी गई।

इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद, सोडा-शिकंजी, पानी-पताशे, चाय-कॉफी, इत्र-सुगंध तथा मेडिकल सुविधा की व्यवस्था की गई। पदयात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए करीब 100 पलंग लगाए गए। आयोजकों के अनुसार तीन दिनों में करीब 15 हजार श्रद्धालुओं के प्रसाद की व्यवस्था की गई।

सेवा में जुटे रहे मंडल के कार्यकर्ता

आयोजन की व्यवस्थाओं में श्री चारभुजा मित्र मंडल के पदाधिकारी, सदस्य और स्वयंसेवक लगातार जुटे रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर भोजन, चिकित्सा और विश्राम व्यवस्था तक कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारियां संभालीं।

आयोजन के दौरान कैलाश कोठारी, अशोक बाहेती, अनिल बांगड़, राजेन्द्र कचोलिया, नारायणलाल लढ़ा, सुरेश कचोलिया, मनोहर अजमेरा, जितेंद्र मून्दड़ा, महापौर प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह राणावत, अजय मूंदड़ा (मामा), रौनक काष्ट, पिंटू मूंदड़ा, राजेन्द्र मालू, अंकित लखोटिया, कैलाश ईनाणी, सचिन काबरा, कमल सोनी, शिव चेचानी, रोहित गग्गड़, शशांक बिड़ला, अमित झंवर, मोहित गग्गड़, अनिल चौधरी, अशोक तोषनीवाल, मुकेश चेचानी, जगदीश लढ़ा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सेवाएं दीं।

भक्ति, सेवा और सद्भाव का संदेश

आयोजक गग्गड़ परिवार, रायला ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य भगवान श्री चारभुजा नाथ के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के साथ समाज में भक्ति, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना रहा। तीन दिनों तक चले आयोजन में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आयोजन के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ पदयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए सेवा की विभिन्न व्यवस्थाएं की गईं। इससे धार्मिक आयोजन के साथ सेवा का संदेश भी सामने आया।

समापन पर आयोजकों ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं और सेवाभावी लोगों का आभार व्यक्त किया।

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