बेवान शोभायात्रा के साथ ठाकुर जी ने किया जलविहार, ढोल-नगाड़ों पर झूमे श्रद्धालु और संध्या आरती में जगमगाया मंदिर परिसर।
भीलवाड़ा। पंकज पोरवाल। जलझूलनी एकादशी पर सांवरिया सेठ का जलविहार देखने के लिए नौगांवा माधव गौशाला स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से ही मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की कतारें लगने लगीं। दिन चढ़ने के साथ दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे पदयात्रियों और भक्तों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
भगवान सांवरिया सेठ के बाल स्वरूप की भव्य बेवान शोभायात्रा निकली तो जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से वातावरण सांवरिया मय हो गया। भगवान ठाकुर जी को बेवान में विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। इसके बाद निकटवर्ती सरोवर में पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ठाकुर जी को जलविहार कराया गया।
जलविहार के अलौकिक दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भक्तों ने परिवार, समाज तथा देश-प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
बेवान शोभायात्रा में गूंजे सांवरिया सेठ के जयकारे
शोभायात्रा के दौरान ‘जय कन्हैया लाल की’ और ‘जय श्री सांवरिया सेठ’ के जयकारे लगातार गूंजते रहे। बेवान के आगे हाथी, घोड़ा और पालकी के साथ ढोल-नगाड़े, चंग एवं बैंड-बाजों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।
शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। लोगों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया और आरती कर आशीर्वाद लिया। भक्ति और उत्साह के बीच पूरा वातावरण सांवरिया सेठ के जयकारों से गुंजायमान रहा।
दूर-दराज क्षेत्रों से पदयात्रा कर पहुंचे श्रद्धालु
जलझूलनी एकादशी के अवसर पर जिलेभर सहित आसपास के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नौगांवा पहुंचे। कई श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए सांवरिया सेठ के दरबार में पहुंचे।
दिनभर मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध तरीके से भगवान के दिव्य दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। आस्था के इस आयोजन में व्यवस्था और अनुशासन का भी विशेष ध्यान रखा गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई विशेष पूजा-अर्चना
पंडितों के वैदिक सान्निध्य में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। भगवान ठाकुर जी के जलविहार के दौरान पारंपरिक विधि-विधान का पालन किया गया।
दर्शन व्यवस्था, प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने संभालीं। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए आयोजन से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
संध्या आरती में रोशनी से जगमगाया मंदिर परिसर
संध्या आरती के समय मंदिर परिसर का दृश्य और भी मनोहारी हो गया। मंदिर के शिखरों, मुख्य द्वारों और परिक्रमा मार्ग पर की गई विशेष विद्युत सज्जा से पूरा परिसर जगमगा उठा।
रोशनी से सजे मंदिर परिसर में संध्या आरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अनूठा वातावरण नजर आया। श्रद्धालुओं ने इस मनोहारी दृश्य को अपने कैमरों में भी कैद किया। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे और भगवान सांवरिया सेठ के दर्शन कर धर्मलाभ लिया।
ट्रस्ट पदाधिकारी व्यवस्थाओं में जुटे रहे
आयोजन के दौरान संरक्षक डीपी अग्रवाल, अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी, महामंत्री कैलाश डाड, गौशाला सचिव सत्यप्रकाश गग्गड़, संयोजक मदन गोपाल कालरा तथा व्यवस्था प्रमुख मदन धाकड़ सहित ट्रस्ट के पदाधिकारी मौजूद रहे।
ट्रस्ट पदाधिकारियों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने दर्शन व्यवस्था, प्रसाद वितरण तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में जिम्मेदारियां संभालीं।
मंदिर ट्रस्ट एवं प्रबंधन ने जलझूलनी एकादशी के आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सेवाभावी भक्तों का आभार व्यक्त किया।
यह भी पढ़ें:
Bhilwara, Rajasthan
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।