निर्जला एकादशी पर किन्नर समाज ने भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और राहगीरों को मिल्क रोज व फल वितरित कर सेवा कार्य किया।
नदबई। निर्जला एकादशी पर किन्नर समाज द्वारा आयोजित मिल्क रोज वितरण कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा और भक्ति का अनूठा संगम बन गया। गुरुवार को नगर रोड स्थित प्राचीन काशीनाथ बालाजी मंदिर में किन्नर समाज की ओर से भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परि बुआ किन्नर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना तथा मिल्क रोज एवं फलों के वितरण का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।
बालाजी महाराज को भोग लगाकर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर की गई। इसके बाद बालाजी महाराज को भोग अर्पित किया गया और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजा में भाग लिया और भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
इसके बाद मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर भजनों पर झूमते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का माहौल बना रहा।
जयकारों से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर
भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने हनुमान जी महाराज और राधा रानी के जयकारे लगाए। जयकारों की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से भर गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई तथा भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।
राहगीरों और श्रद्धालुओं को वितरित किया गया मिल्क रोज
कार्यक्रम के दौरान सेवा कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया। परि बुआ किन्नर ने बताया कि निर्जला एकादशी के अवसर पर मंदिर के सामने राहगीरों, श्रद्धालुओं और आमजन के लिए मिल्क रोज की व्यवस्था की गई। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए लोगों को मिल्क रोज और शीतल मीठा जल पिलाया गया।
इसके अलावा श्रद्धालुओं और राहगीरों को केले एवं आम का भी वितरण किया गया। सेवा कार्य के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। किन्नर समाज के इस प्रयास की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
निर्जला एकादशी का बताया धार्मिक महत्व
इस अवसर पर परि बुआ किन्नर ने निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन व्रत, पूजा-पाठ, दान-पुण्य और सेवा कार्य करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
उन्होंने बताया कि इसी भावना और उद्देश्य को लेकर किन्नर समाज की ओर से धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ सेवा कार्य का आयोजन किया गया, ताकि लोगों को धार्मिक लाभ के साथ सामाजिक सेवा का संदेश भी मिल सके।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में किन्नर समाज से शिष्या नेहा, सोनिया, मंदिर महंत कुक्कन दास महाराज, भवानी कुशवाह सहित अनेक सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाई।
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