हनुमान बेनीवाल के बयान पर गोविंद शरण शर्मा का पलटवार


पूर्व ब्राह्मण समाज अध्यक्ष गोविंद शरण शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर की गई टिप्पणियों की निंदा करते हुए तथ्यात्मक जवाब दिया

नदबई। भरतपुर ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष गोविंद शरण शर्मा ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल द्वारा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संबंध में दिए गए बयान तथ्यहीन और मनगढ़ंत हैं तथा इस प्रकार की टिप्पणियां सार्वजनिक जीवन की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।

मुख्यमंत्री के मूल निवास को लेकर दिया जवाब

गोविंद शरण शर्मा ने कहा कि हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संबंध में जो बातें कही हैं, वे वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खातीं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की वंशावली और मूल निवास की बात की जाती है तो उसका रिकॉर्ड संबंधित परंपरागत व्यवस्था में दर्ज होता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भरतपुर जिले की नदबई तहसील के ग्राम अटारी के मूल निवासी हैं। इस संबंध में किसी प्रकार का भ्रम फैलाना उचित नहीं है।

टिप्पणियों को बताया अनुचित

गोविंद शरण शर्मा ने कहा कि हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर की गई टिप्पणियां अनुचित हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान को लेकर सार्वजनिक मंच से टिप्पणी करना राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बारे में इस प्रकार की भाषा का उपयोग करना किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों और दावों का वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।

ब्राह्मण समाज को लेकर भी रखी बात

गोविंद शरण शर्मा ने कहा कि हनुमान बेनीवाल ने यह आरोप लगाया कि ब्राह्मण समाज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से नाराज है, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के दावों को पूरे समाज की भावना के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

उनका कहना था कि समाज के नाम पर राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय वास्तविक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की भावनाओं को लेकर बिना आधार के टिप्पणी करना उचित नहीं है।

मुख्यमंत्री पद की गरिमा बनाए रखने की अपील

गोविंद शरण शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद एक सम्माननीय और संवैधानिक पद है। इस पद तक पहुंचने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों और सभी समुदायों का समर्थन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसी एक जाति या वर्ग के नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के प्रतिनिधि होते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी जनप्रतिनिधियों को एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही उन्होंने राजनीतिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

क्षेत्र में हो रही है चर्चा

गोविंद शरण शर्मा ने कहा कि हनुमान बेनीवाल द्वारा दिए गए बयानों को लेकर क्षेत्र में चर्चा हो रही है और कई लोग इन टिप्पणियों की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में तथ्यों पर आधारित और संयमित बयान ही लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं।

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