दस वर्ष बाद माणिक्यनगर रामद्वारा में होगा विश्व शांति कल्याण चातुर्मास, भव्य शोभायात्रा और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां पूरी।
भीलवाड़ा। अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज का वर्ष 2026 का विश्व शांति कल्याण चातुर्मास रविवार 19 जुलाई से भीलवाड़ा की पावन धरा पर प्रारंभ होगा। लगभग दस वर्ष बाद माणिक्यनगर रामद्वारा में आयोजित होने जा रहे इस ऐतिहासिक चातुर्मास को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। शहरभर में स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सर्व समाज आचार्यश्री की मंगलमय पधारावणी की प्रतीक्षा कर रहा है।
भव्य शोभायात्रा से होगा आगमन
विश्व शांति कल्याण चातुर्मास समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन के तहत रविवार सुबह 8:30 बजे आचार्यश्री की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इससे पूर्व रेलवे स्टेशन चौराहे पर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद एवं सर्व समाज द्वारा महाआरती के साथ उनका स्वागत किया जाएगा।
शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट, छत्र-चंवर और शाही लवाजमा आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मार्ग में 108 स्वागत द्वार बनाए गए हैं तथा श्रद्धालुओं पर ड्रोन से पुष्पवर्षा की जाएगी। उज्जैन की प्रसिद्ध महाकाल आरती प्रस्तुत करने वाला दल भी शोभायात्रा में शामिल रहेगा। पूरे मार्ग को रंगोलियों, स्वागत तोरणों और अभिनंदन बैनरों से सजाया गया है।
इन मार्गों से निकलेगी शोभायात्रा
शोभायात्रा गजाधर मानसिंहका धर्मशाला (रेलवे स्टेशन रोड) से प्रारंभ होकर सरकारी दरवाजा, गोल प्याऊ, बालाजी मार्केट, सूचना केंद्र चौराहा, गांधी बाजार और भीमगंज थाना चौराहा होते हुए माणिक्यनगर रामद्वारा पहुंचेगी, जहां विधिवत चातुर्मास का शुभारंभ होगा।
इस आयोजन में देशभर से रामस्नेही सम्प्रदाय के संत-महात्माओं एवं हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
चातुर्मास में होंगे विविध धार्मिक आयोजन
चातुर्मास के दौरान आचार्य श्रीरामदयालजी महाराज के सान्निध्य में प्रतिदिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रतिदिन सुबह 5 से 6 बजे रामधुनी, 8 से 8:30 बजे वाणीजी का पाठ, 8:30 से 9:30 बजे प्रवचन तथा सूर्यास्त के समय संध्या आरती होगी।
प्रमुख कार्यक्रमों की झलक
चातुर्मास के दौरान आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रम इस प्रकार हैं—
- 29 जुलाई – गुरुपूर्णिमा महोत्सव
- 13 से 20 सितम्बर – पूज्य वाणीजी प्रवचन एवं भागवत ज्ञान महोत्सव
- 25 सितम्बर – आचार्यश्री अवतरण महोत्सव
- 26 सितम्बर – अवतरण आनंदोत्सव
- 15 अक्टूबर – पंचमी गोटकाजी की भव्य शोभायात्रा
- 22 अक्टूबर – चातुर्मास समापन समारोह
आयोजकों का कहना है कि धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत यह चातुर्मास केवल रामस्नेही सम्प्रदाय ही नहीं, बल्कि पूरे भीलवाड़ा जिले के लिए आस्था और संस्कृति का ऐतिहासिक पर्व साबित होगा।
यह भी पढ़ें:

Bhilwara, Rajasthan
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।