फूलिया खुर्द विद्यालय में अणुव्रत आचार संहिता का वाचन, विद्यार्थियों को अनुशासन, सदाचार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
शाहपुरा। अणुव्रत आंदोलन किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित विचारधारा नहीं, बल्कि संयम, अनुशासन, नैतिकता, अहिंसा और सदाचार के माध्यम से बेहतर व्यक्ति और समाज निर्माण का संदेश देने वाला जनआंदोलन है। इसी उद्देश्य को विद्यार्थियों के जीवन से जोड़ते हुए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फूलिया खुर्द में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के तहत अणुव्रत अनुशासन दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अणुव्रत आंदोलन की मूल भावना से परिचित कराते हुए जीवन में अनुशासन और आत्मसंयम अपनाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का संयोजन विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक एवं कवि ओम माली ‘अंगारा’ ने किया।
अणुव्रत आचार संहिता का कराया वाचन
कार्यक्रम के दौरान ओम माली ‘अंगारा’ ने अणुव्रत आंदोलन की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अणुव्रत आचार संहिता का वाचन करवाया।
उन्होंने कहा कि अनुशासन केवल विद्यालय या परीक्षा तक सीमित रहने वाली व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला संस्कार है। व्यक्ति छोटी-छोटी बुराइयों से स्वयं को दूर रखकर अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
शिक्षा के साथ संस्कारों को अपनाने का आह्वान
विद्यालय के उप प्राचार्य दशरथ कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को शांति, सौहार्द और सद्भावना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो शिक्षा के साथ संस्कारों को भी अपने जीवन का आधार बनाएं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परस्पर सम्मान और सकारात्मक सोच को अपने व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट के विजेता सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान ब्राइट माइंड सेकेंडरी स्कूल में आयोजित अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट के अंतर्गत निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों ने अणुव्रत के सिद्धांतों को अपने विचारों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया।
पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश
इससे पूर्व महाप्रभु श्री रामचरण कन्या विद्यापीठ में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के तहत पर्यावरण शुद्धि दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया गया।
मुख्य वक्ता दिग्विजय सिंह, प्रोफेसर इंग्लिश ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में मोहन, जितेन्द्र, जयशंकर पाराशर, कैलाशचंद्र शर्मा, जगदीश जाट सहित संयोजक गोपाल पंचोली उपस्थित रहे।
अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
अणुव्रत सप्ताह के आयोजनों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अनुशासित व्यक्ति स्वस्थ समाज की नींव रख सकता है, वहीं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में योगदान दे सकता है।
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Bhilwara, Rajasthan
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