भगवान ऋषभदेव की स्तुति से किया कार्यक्रम का आगाज
बामनवास, गंगापुर सिटी।पंकज शर्मा। उपखण्ड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोयला में विद्यालयी शिक्षा विभाग के आदेश की अनुपलना में नवीन शिक्षण सत्र में शुभारम्भ ऋषभ पखवाड़े के तहत परम पूज्य आचार्य श्री 108 सन्मति महाराज और परम पूज्य बुंदेलखण्ड केसरी आचार्य श्री 108 सिद्धान्त सागर जी महाराज की परम शिष्या परम पूज्य गणिनी आर्यिकारत्न णमोकार जिनशासन प्रभाविक गुरु मां 105 श्री संगममति माताजी ने विद्यार्थियों को प्रवचन के माध्यम से देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के जीवन के बारे में बताते हुए उनके सिद्धांतों को जीवन में उतरने की सीख दी l
कार्यक्रम का शुभारम्भ राजकीय विद्यालय की प्रधानाचार्य अनिता मीणा ने देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान और मां सरस्वती चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन करने के साथ हुआ l इसके बाद विद्यार्थियों ने ऋषभ देव की स्तुति की जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक उर्जा एवं सकारात्मकता से ओत प्रोत हो गया l इस अवसर पर वर्धमान कोचिंग की निदेशक एकता जैन ने प्रधानाचार्य अनिता मीणा का दुपट्टा पहनाते हुए जय जिनेन्द्र का बैज लगाकर उनका स्वागत सम्मान किया l विद्यालय के शिक्षक बाबूलाल जैन ने देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की l
प्रधानाचार्य अनिता मीणा ने बताया कि शिक्षा विभाग अभिनव पहल पर आयोजित किया जा रहा ऋषभदेव पखवाड़ा विद्यार्थियों के अन्दर छुपी हुई प्रतिभा को सामने ला रहा है l विधार्थी की आयु के अनुसार प्रतियोगिताओं का आयोजन करने से बालक सहज रूप से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे है l वर्तमान परिपेक्ष्य में भगवान ऋषभदेव भगवान के संदेश जियो और जीने दो,शान्ति से रहने दो के सिद्धान्त ही विश्व को शान्ति की ओर ले जा सकते हैं l
विधार्थियों को आर्यिकाओं का विशेष प्रवचन
आर्यिकारत्न गुरु मां 105 श्री संगममति माताजी ने विद्यार्थियों को प्रवचन देते हुए बताया कि भगवान ऋषभदेव युग के शुरुआत जब हुई जब योगभूमि समाप्त हो रही थी तब अयोध्या की पावन धरा पर ऋषभदेव का जन्म हुआ वे बचपन से ही अत्यन्त शांत, तेजस्वी और मानवीय गुणों से भरपूर था l उन्होंने संसार को जीवन जीने की कला सिखाई l समाज को व्यवस्थित करने के लिए वर्णों की स्थापना कि जिससे मनुष्य अनुशासन के साथ रह सके l आर्यिका 105 संयोमती माताजी ने बताया कि ऋषभदेव के 100 पुत्र थे,जिनमें चक्रवर्ती सम्राट भरत के नाम से अपने देश का नाम भारत पड़ा l उनकी पुत्रीयों ब्राह्मी और सुन्दरी ने लिपि और अंक विद्या का ज्ञान दिया l जिसके कारण आज हम लिख पढ़ पा रहे है l क्षुल्लिका 105 सम्पर्कमति माताजी,सानिध्यमति माताजी और समर्पितमति माताजी ने बताया कि भगवान ऋषभदेव भगवान के बताए सिद्धांतों को अपने जीवन उतारते हुए सभी बच्चे उन्नति के पथ पर अग्रसर हो और अपने माता -पिता और गुरुओं का सदा सम्मान करे l
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मनोज कुमार मीणा,राधेश्याम मीणा,धर्मसिंह मीणा,निलमणि मीणा,पूनम सैनी, नेमीचन्द मीणा,नेतराम मीणा मीणा,गंगाराम मीणा,घनश्याम मीणा,बाबूलाल जैन,अमित कुमार,कमरुद्दीन खांन,मीरा गुप्ता, मोहसिन खांन,बनवारी लाल जांगिड़,नीलम सैनी,समयराज गुर्जर और वर्धमान दिगम्बर जैन विकास समिति के सदस्य सुनील कुमार जैन,सुमनलता जैन एवं संयोमति माताजी के संघ के साथ पैदल विहार में सहयोग प्रदान करने वाले विजय जैन,प्रदीप जैन,ममता जैन,मोनिका जैन,अरविन्द कुमार, शुभम कुमार,अनिकेत कुमार, लक्ष्मण कुमार आदि उपस्थित थे l

2014 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2015 से 2021 तक गंगापुर सिटी पोर्टल (G News Portal) का बतौर एडिटर सञ्चालन किया। 2017 से 2020 तक उन्होंने दैनिक समाचार पत्र राजस्थान खोज खबर में काम किया। 2021 से 2022 तक दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज और साधना न्यूज़ में। 2021 से अब तक वे आवाज आपकी न्यूज पोर्टल और गंगापुर हलचल (साप्ताहिक समाचार पत्र) में संपादक और पत्रकार हैं। साथ ही स्वतंत्र पत्रकार हैं।