बारा तहसील में किसान यूनियन का प्रदर्शन, ज्ञापन नहीं लेने पर लखनऊ कूच


आठ सूत्रीय मांगों को लेकर पहुंचे किसानों का आरोप, ज्ञापन नहीं लिया तो मुख्यमंत्री से मिलने पैदल लखनऊ जाने की दी चेतावनी

प्रयागराज। भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर बारा तहसील में प्रदर्शन किया। किसान संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मांगों का ज्ञापन लेकर उपजिलाधिकारी बारा के कार्यालय पहुंचे थे। संगठन का आरोप है कि तहसील प्रशासन ने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद किसानों में आक्रोश फैल गया।

‘जय जवान, जय किसान’ के नारों के बीच किसानों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। ज्ञापन राष्ट्रीय अध्यक्ष के.के. मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव अरुण कुमार चतुर्वेदी ‘पिंटू चौबे’ और जिला अध्यक्ष प्रयागराज ऋषि पांडे के नेतृत्व में दिया जाना था।

आठ सूत्रीय मांगों को लेकर पहुंचे थे किसान

भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) की ओर से बारा तहसील क्षेत्र से जुड़ी आठ प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी गईं। इनमें शामिल हैं—

  1. अवैध प्लाटिंग और अनियोजित कॉलोनियों की जांच कर कार्रवाई की मांग।
  2. वन विभाग की कार्यप्रणाली और वन भूमि पर कब्जे की जांच।
  3. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को बाहर से दवा खरीदने और निजी पैथोलॉजी में भेजे जाने के आरोपों की जांच।
  4. सरकारी विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार की जांच तथा सड़क, नाली और खड़ंजा निर्माण में घटिया सामग्री के आरोपों की जांच।
  5. छुट्टा गोवंश से फसलों को हो रहे नुकसान से किसानों को राहत और फसल सुरक्षा की व्यवस्था।
  6. बेसहारा और छुट्टा गोवंश का स्थायी समाधान तथा गौशालाओं से जुड़े कथित घोटालों की जांच।
  7. खनन नीति का पालन, अवैध खनन पर रोक और ओवरलोड व बिना परमिट चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई।
  8. बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय एवं स्वच्छता व्यवस्था में सुधार।

ज्ञापन नहीं लेने पर किसानों में आक्रोश

किसान नेताओं ने प्रशासन पर ज्ञापन नहीं लेने का आरोप लगाते हुए कहा, “जब हमने भ्रष्टाचार की बात उठाई, तो साहबों को ज्ञापन लेना ही भारी लगा।”

संगठन का कहना है कि किसानों की समस्याओं और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के सामने रखने के लिए वे तहसील पहुंचे थे। ज्ञापन नहीं लिए जाने के आरोप के बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।

लखनऊ तक पैदल जाने की दी चेतावनी

किसान नेताओं ने कहा कि यदि बारा तहसील में उनकी मांगों की सुनवाई नहीं होती है तो वे पैदल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखेंगे। संगठन ने कहा कि किसानों की मांगों पर लिखित कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) ने प्रशासन से मांगों पर लिखित कार्रवाई का आश्वासन देने की मांग की है।

आरोपों पर प्रशासन के जवाब का इंतजार

किसान संगठन की ओर से अवैध प्लाटिंग, वन भूमि पर कब्जे, स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली, विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और अवैध खनन सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक विभागों का पक्ष सामने आना बाकी है।

फिलहाल किसान संगठन ने मांगों के समाधान और लिखित कार्रवाई के आश्वासन तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

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