पांच दिवसीय शिविर के समापन पर हवन, भारत माता की आरती, राष्ट्रभक्ति प्रस्तुतियां और पुरस्कार वितरण के साथ बच्चों को संस्कारयुक्त जीवन का संदेश दिया गया।
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा में भाविप बाल संस्कार शिविर का पांच दिवसीय आयोजन शनिवार को हर्षोल्लास, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। भारत विकास परिषद, महाराणा प्रताप शाखा द्वारा आयोजित इस शिविर के समापन अवसर पर बच्चों ने “संस्कार की ज्योति जली है, अब इसे बुझने मत देना, जो सीखा शिविर में यहां, उसे जीवन में अपनाना” का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन आयोजित किया गया, जिसमें शिविरार्थी बच्चों और परिषद के सदस्यों ने आहुतियां देकर राष्ट्र और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
भारत माता की आरती से भक्तिमय बना वातावरण
समापन समारोह में 16 दीपों से भारत माता की भव्य आरती की गई। आरती के दौरान पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक भाव से ओत-प्रोत हो गया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने भी इस आयोजन में सहभागिता कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
बच्चों ने प्रस्तुत किए राष्ट्रभक्ति गीत और संस्कारपरक कार्यक्रम
शिविर के दौरान बच्चों ने पिछले चार दिनों में सीखे राष्ट्रभक्ति गीत, श्लोक, महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग तथा संस्कार आधारित प्रस्तुतियां मंच पर प्रस्तुत कीं। बच्चों की आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति और अनुशासन की सभी अतिथियों ने सराहना की।
माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान का दिया संदेश
समारोह के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी एवं शहर समन्वयक रजनीकांत आचार्य ने बच्चों को संस्कारयुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी।
रजनीकांत आचार्य ने भारत विकास परिषद के सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए प्लास्टिक का कम उपयोग करने और जल संरक्षण का संदेश दिया। वहीं संदीप बाल्दी ने कहा कि माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने बच्चों से प्रतिदिन अपने माता-पिता एवं गुरुजनों के चरण स्पर्श करने तथा प्रत्येक कार्य पूरे मनोयोग और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया।
उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से बताया कि जो व्यक्ति पूर्ण समर्पण और निष्ठा से कार्य करता है, उसकी सहायता स्वयं ईश्वर भी करते हैं।
प्रार्थना और प्रश्नोत्तरी में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान एक बालक ने “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि” प्रार्थना का सस्वर पाठ कर सभी का मन मोह लिया। उसकी उत्कृष्ट प्रस्तुति से प्रभावित होकर अतिथियों ने उसे विशेष रूप से सम्मानित किया।
इसके अलावा श्रीमती मधुबाला यादव ने रामायण आधारित प्रश्नोत्तरी का आयोजन कराया। सही उत्तर देने वाले बच्चों के साथ-साथ खेल एवं अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
शिविर की सफलता में कई पदाधिकारियों का रहा योगदान
शिविर को सफल बनाने में संस्कार संयोजक सीए मुकेश नवाल, संस्कार शिविर प्रभारी श्रीमती मोहिनी अग्रवाल, शाखा अध्यक्ष श्रीमती उमा मिश्रा, सचिव सतीश बोहरा, कोषाध्यक्ष हरिप्रसाद राठी तथा महिला संयोजिका श्रीमती निशा सैकड़ा का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगेश आचार्य का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। वहीं कश्मीर भट्ट एवं श्रीमती मधुबाला यादव के विशेष सहयोग की भी अतिथियों ने सराहना की।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद सभी बच्चों को ज्ञानवर्धक पुस्तकें, कॉपियां, अल्पाहार तथा स्मृति-उपहार वितरित किए गए।
समारोह में प्रेम नारायण मिश्रा, शैलेंद्र मेहता, किशोर गौतम, दलपत राठौड़, शिव दयाल अरोड़ा, अनुराग अग्रवाल, महेश मेहता, विजय भारती कपूर, मीना मेहता, साधना गौतम, निर्मला नवाल, रेखा राठौड़, रंजना शर्मा, वर्षा कपूर, आशा बोहरा, कृष्णा अग्रवाल सहित शाखा के अनेक सदस्य एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
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Bhilwara, Rajasthan
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