भीलवाड़ा में ट्रांसपोर्ट मार्केट बंद रहने से करीब 3 करोड़ का व्यापार प्रभावित, विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को सौंपा ज्ञापन
भीलवाड़ा। पंकज पोरवाल।भीलवाड़ा में परिवहन व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन सरकार के खिलाफ मुखर हो गया है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री एवं जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन भेजकर परिवहन व्यवसाय को प्रभावित कर रही समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ट्रांसपोर्ट बंद और चक्का जाम जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
ट्रांसपोर्ट मार्केट बंद, करोड़ों का कारोबार प्रभावित
शनिवार को नए नियमों, बढ़ते टैक्स, ई-चालान और अन्य प्रशासनिक प्रावधानों के विरोध में भीलवाड़ा का ट्रांसपोर्ट मार्केट पूरी तरह बंद रहा। बंद के दौरान शहर में करीब 400 छोटे-बड़े ट्रांसपोर्ट कार्यालय और दुकानें बंद रहीं, जिससे लगभग 3 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया।
दिनभर ट्रांसपोर्ट नगर में लोडिंग-अनलोडिंग, माल की डिलीवरी तथा परिवहन से जुड़े व्यावसायिक कार्य ठप रहे। इसके बाद ट्रांसपोर्टरों ने ट्रांसपोर्ट नगर से शहर के प्रमुख मार्गों पर रैली निकालकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
नए नियम और बढ़ते टैक्स पर जताई नाराजगी
भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने कहा कि परिवहन व्यवसाय लगातार नए नियमों, बढ़ते टैक्स, भारी जुर्मानों और अतिरिक्त वित्तीय बोझ के कारण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी ग्रीन टैक्स लगाए जाने का विरोध किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य परिस्थितियों में भी मनमाने तरीके से ई-चालान जारी किए जा रहे हैं, जिससे ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि परिवहन क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह व्यवसाय लगातार कठिनाइयों का सामना कर रहा है। इसलिए व्यावसायिक वाहनों से जुड़े नियमों को सरल, व्यावहारिक और व्यवसाय हितैषी बनाया जाना चाहिए।
जीपीएस अनिवार्यता और फिटनेस व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
एसोसिएशन ने ज्ञापन में वीएलटीडी-जीपीएस की अनिवार्यता, परमिट, फिटनेस, टैक्स, ई-चालान और बढ़ते जुर्मानों को प्रमुख समस्याएं बताया। ट्रांसपोर्टरों ने मांग की कि व्यावसायिक वाहनों में जीपीएस व्यवस्था को अनिवार्य करने के बजाय स्वैच्छिक किया जाए।
साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई फिटनेस सेंटर बंद होने या उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित रहने के कारण वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। इससे वाहन लंबे समय तक खड़े रहते हैं और ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सात दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट समिति तथा भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट वेलफेयर समिति के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी संगठनों ने एक स्वर में कहा कि यदि सात दिन के भीतर सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम और ट्रांसपोर्ट सेवाएं बंद करने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
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Bhilwara, Rajasthan
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