मानस मंडल सेवा संस्थान की ओर से पौष पूर्णिमा पर 763 वा संगीतमय सुंदरकांड पाठ व भजन संध्या का आयोजन बरोडीया गांव में
सागवाड़ा| नगर के मानस मंडल सेवा संस्थान की ओर से पौष पूर्णिमा पर 763 वा संगीतमय सुंदरकांड पाठ व भजन संध्या का आयोजन बरोडीया गांव में सुरेश रतन पचोली के निवास स्थान पर हुआ।यजमान ने भगवान रामजी व हनुमान जी का तिलक व माल्यार्पण द्वारा पूजन किया।जितेन्द्र सुथार ने गणपति पूजन व भरत भट्ट ने सरस्वती वंदना की।बालमुकुंद भट्ट ने हनुमान जी का आव्हान किया।सर्व प्रथम राष्ट्र देवो की भावना रखते हुए सभी उपस्थित धर्मप्रेमी द्वारा राष्ट्रगान किया।यजमान परिवार ने मंडल के सभी सदस्यों का शब्द सुमन द्वारा अभिनंदन किया।मंडल की ओर से कर्मवीरसिंह व जितेन्द्र कलाल ने माल्यार्पण व उपरना ओढ़ाकर स्वागत किया।सौरभ भट्ट व राहुल भगत ने सुंदरकांड पाठ की चौपाइयों का संगीतमय भजनों के स्वर पर गायन किया।कार्यक्रम के दौरान मंडल अध्यक्ष किशोर भावसार ने दूसरों का दुखड़ा दूर करने वाले तेरा दुःख दूर करे मेरे राम…चेतन गोगरोत ने मुझे दास बनाकर रख लेना प्रभु तुम अपने चरणों में…. जुगल सोनी ने सज रहे भोलेबाबा निराले दुल्हे में.. नकुल गोगरोत ने एक नजर कृपा की डालो मानूंगा एहसान….. प्रीतम पंचाल ने कण कण में वास हे तुम्हारा….. राहुल भगत ने..हे धन्य तेरी माया इस जग में ओ दुनिया के रखवाले…. जितेन्द्र कलाल ने हम कथा सुनाते है राम सकल गुणगान की….ने सहित एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत करने के साथ ही डैनी के द्वारा ऑर्गन के मधुर स्वर लहरों,नकुल गोगारोत के द्वारा ढोलक की थाप पर उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे।विभिन्न वाद्ययंत्रों पर रोशन भट्ट,ओमप्रकाश सुथार, निलेश भट्ट,रमेश जोशी, ललित मिस्त्री,व ऑक्टोपैड पर जिग्नेश रावल ने संगत दी। नरेश भट्ट शिवलहरी व धार्मिक पंचाल ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। वरिष्ठ नागरिक दामोदर गोगारोत ने मंडल की सराहना करते हुए कहा कि मंडल द्वारा गांव गांव ढाणी ढाणी जाकर धर्म की अलख जगा रहे है साथ ही नई पीढ़ी को जोड़ने का कार्य कर नेक कार्य किया जा रहा।गांव के समाजसेवी धुलजी भाई ने कहा गांव में भक्तिमय व आनंददायक वातावरण बनाने के लिए मंडल का आभार प्रकट किया।अंत मे यजमान परिवार द्वारा आरती उतार कर प्रसाद वितरित किया गया।इस अवसर पर सुखदेव शर्मा,नवनीत कलाल, जितेन्द्र,अमित, दीपक त्रिवेदी,मनोहर, हीरालाल,तुलसीराम,रमेशचंद्र,नयन,मुकेश,मयंक,हितेश,राकेश पचोली,उमेश कलाल सहित आसपास क्षेत्र के कई धर्मप्रेमी मौजूद थे।
