155 प्रतिभागी सीखेंगे एंकरिंग, ढोलक और इंग्लिश स्पोकन; कौशल विकास से निखरेगी बच्चों की रचनात्मकता
भीलवाड़ा में बच्चों के लिए शुरू हुआ ‘हुनर का मेला’, मोबाइल रील्स से दूर रहने का संकल्प
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। बच्चों की छुट्टियों के खाली समय को कौशल विकास और रचनात्मकता में बदलने के लिए भारत विकास परिषद ‘महाराणा प्रताप’ शाखा द्वारा मंगलवार से दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन अभिरुचि शिविर का शानदार आगाज हुआ। 16 मई तक चलने वाले इस शिविर के उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने बच्चों को मोबाइल की आभासी दुनिया से बाहर निकलकर अपनी छिपी हुई प्रतिभा को तराशने के लिए प्रेरित किया।
155 से अधिक बच्चों ने कराया रजिस्ट्रेशन शिविर प्रभारी मोहिनी अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष बच्चों में अभूतपूर्व उत्साह है। शिविर के पहले ही दिन 155 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। कार्यक्रम की शुरुआत प्रांतीय पदाधिकारी रजनीकांत आचार्य, श्याम कुमावत और शाखा संरक्षक गोविंद राठी ने दीप प्रज्वलित कर की।
एंकरिंग से लेकर ढोलक तक का मिलेगा प्रशिक्षण प्रभारी के अनुसार, शिविर में विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को आधुनिक और पारंपरिक विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें निम्नलिखित विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:
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आधुनिक कौशल: इंग्लिश स्पोकन, एंकरिंग, कैलीग्राफी।
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पारंपरिक कला: डांस, मेहंदी, सिलाई, रंगोली, क्रोशिया और क्राफ्ट।
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संगीत और स्वरोजगार: ढोलक वादन और प्रोफेशनल ब्यूटी कोर्स।
शाखा सचिव सतीश बोहरा और महिला संयोजक निशा सैकड़ा ने बताया कि यह प्रशिक्षण न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में उनके करियर के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।