गायत्री शक्तिपीठ नदबई में आयोजित महायज्ञ और महिला सम्मेलन में नारी जागरण, संस्कार निर्माण और सामाजिक चेतना पर विशेष जोर दिया गया
नदबई, 25 जून। नदबई स्थित गायत्री शक्तिपीठ में बुधवार को 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं महिला सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं तथा परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। यह आयोजन शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंची टोली के सानिध्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने यज्ञ में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ महायज्ञ
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक परंपराओं के अनुरूप मंत्रोच्चार के साथ हुई। यज्ञाचार्यों के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से यज्ञ कुंडों में आहुतियां अर्पित कीं।
यज्ञ के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा, शांति, सद्भावना और मानव कल्याण की कामना की गई। पूरे आयोजन स्थल पर धार्मिक, आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने यज्ञ को आत्मिक शुद्धि और सामाजिक सद्भाव का माध्यम बताया।
महिला सम्मेलन में नारी जागरण पर दिया गया जोर
महायज्ञ के साथ आयोजित महिला सम्मेलन में नारी शक्ति की भूमिका और सामाजिक जागरूकता पर विशेष चर्चा की गई। गायत्री परिवार के केदार गुप्ता ने बताया कि शांतिकुंज हरिद्वार से पधारी रेखा बहन एवं रश्मि बहन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए नारी जागरण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
उन्होंने कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि महिलाएं जागरूक, शिक्षित और संस्कारित हों तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः संभव हो जाता है।
महिलाओं को दिए जीवन प्रबंधन के महत्वपूर्ण सूत्र
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं को जीवन प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने महिलाओं से फिजूल खर्च से बचने, सादगीपूर्ण जीवन अपनाने, परिवार में संस्कारों का वातावरण विकसित करने तथा बच्चों के चरित्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इसके साथ ही सामाजिक जागरूकता, आत्मनिर्भरता और नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाने पर भी विस्तार से विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि संस्कारित परिवार ही मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र की नींव होते हैं।
500 से अधिक महिलाओं ने की सहभागिता
कार्यक्रम में करीब 500 से 600 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिला सम्मेलन में प्रस्तुत विचारों और संदेशों को प्रतिभागियों ने गंभीरता से सुना तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को विशेष रूप से सफल और प्रेरणादायक बना दिया। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सामाजिक जागरूकता और नारी सशक्तिकरण का संदेश भी प्रभावी रूप से दिया गया।
आध्यात्मिकता और सामाजिक चेतना का संगम बना आयोजन
गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नारी जागरण, परिवार निर्माण, संस्कार संवर्धन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सार्थक संवाद का माध्यम बना।
महायज्ञ और महिला सम्मेलन के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
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Bharatpur, Rajasthan
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