लालापुर में दिव्यांग महिला के घर चोरी, 19 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली


कोटा गोल्हैया में टूटा मिला घर का ताला, लाखों के जेवर और नकदी चोरी होने के बाद भी सुराग व बरामदगी नहीं

प्रयागराज। यमुनानगर के लालापुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। थाना क्षेत्र के कोटा गोल्हैया गांव में एक गरीब दिव्यांग परिवार के घर हुई चोरी का 19 दिन बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि चोरी की घटना के बाद पुलिस की जांच अपेक्षित स्तर पर आगे नहीं बढ़ी और परिवार न्याय के लिए भटक रहा है।

मामला राकेश केसरवानी के घर का है। एफआईआर के मुताबिक 29-30 अगस्त की रात राकेश अपनी दोनों पैरों से दिव्यांग पत्नी संजू देवी और बच्चों के साथ घर से बाहर गए थे। सुबह जब परिवार वापस लौटा तो घर का ताला टूटा हुआ मिला।

घर के अंदर गृहस्थी का सामान बिखरा हुआ था और सोने-चांदी के जेवर तथा नकदी गायब थी। चोरी की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी।

मुकदमा दर्ज कर उपनिरीक्षक रामाश्रय यादव को सौंपी गई विवेचना

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक रामाश्रय यादव को सौंप दी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एक बार भी गांव में पूछताछ करने नहीं आई

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना को 19 दिन बीत जाने के बावजूद चोरी का खुलासा नहीं हुआ है। न तो चोरी का सामान बरामद हो सका है और न ही परिवार को मामले में कोई ठोस जानकारी मिल पाई है।

19 दिन की जांच पर उठ रहे सवाल

मामले की जांच को लेकर अब कई सवाल सामने आ रहे हैं। पीड़ित परिवार और स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि क्या घटनास्थल से फिंगरप्रिंट लिए गए? क्या आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई? कितने संदिग्धों से पूछताछ की गई और चोरी के सामान की बरामदगी के लिए पुलिस ने किन स्थानों पर टीमें भेजीं?

इन सवालों के जवाब अभी पीड़ित परिवार को नहीं मिल सके हैं।

गरीब और दिव्यांग परिवार होने के कारण गंभीरता से नहीं लेने का आरोप

पीड़ित परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि गरीब और दिव्यांग होने के कारण मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि, यह परिवार की ओर से लगाया गया आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

परिजनों का कहना है कि चोरी जैसी गंभीर घटना के बावजूद जांच की प्रगति के बारे में उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। घटना के बाद से परिवार चोरी हुए सामान की बरामदगी और मामले के खुलासे की उम्मीद लगाए बैठा है।

उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग

पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिवार की मांग है कि चोरी की घटना का जल्द खुलासा किया जाए और चोरी गए जेवर व नकदी बरामद कराए जाएं।

परिजनों के अनुसार मामले की लंबित विवेचना की सहायक पुलिस आयुक्त बारा और डीसीपी यमुनानगर के स्तर से समीक्षा किए जाने की भी आवश्यकता है।

19 दिन बीतने के बाद भी चोरी का खुलासा और बरामदगी नहीं होने से पीड़ित परिवार पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है। अब देखना होगा कि मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और चोरी का सुराग कब तक सामने आता है।

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