मां नन्दा सुनंदा की शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, नगर भ्रमण के बाद नम आंखों से मां को विदाई दी गई।
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में मां श्री नन्दा सुनंदा की ऐतिहासिक शोभायात्रा बुधवार को निकाली गई। नैना देवी मंदिर के गेट से जैसे ही मां नन्दा सुनंदा की शोभायात्रा निकली, श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर मां को विदाई दी। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे शहर में मां के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। मां की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम नजर आईं।
मां नन्दा सुनंदा की शोभायात्रा नैना देवी मंदिर से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। मंदिर से शोभायात्रा निकलते ही बड़ी संख्या में भक्तजन इसमें शामिल होते गए। श्रद्धालुओं का यह क्रम बढ़ता गया और शोभायात्रा में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव से नगर भ्रमण में सहभागिता की।
16 सितंबर से शुरू हुआ था नन्दा सुनंदा महोत्सव
मां नन्दा सुनंदा महोत्सव का आयोजन 16 सितंबर से 23 सितंबर तक किया गया। महोत्सव का शुभारंभ 16 सितंबर को कदली दल के जाने के साथ हुआ और इसी दिन मेले का उद्घाटन भी किया गया।
इसके बाद 17 सितंबर को कदली दल की टीम द्वारा कदली वृक्ष लाया गया। स्कूली बच्चों, छोलिया नृत्य और बैंड-बाजों के साथ नगर परिक्रमा करने के बाद कदली वृक्ष को मां नयना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा गया।
कदली वृक्ष से बनाई गई मां नन्दा सुनंदा की प्रतिमाएं
18 सितंबर को मां नन्दा सुनंदा की मूर्ति निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई। कदली वृक्ष, बांस, घास-फूस और कपड़े आदि के साथ प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर मां की प्रतिमाओं का निर्माण किया गया।
इसके बाद 19 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त में मां नन्दा सुनंदा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर में स्थापित किया गया।
19 से 22 सितंबर तक नैना देवी मंदिर में लगातार धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। हवन-यज्ञ, कन्या पूजन, विशाल भंडारे और सुंदरकांड के साथ दिन-रात भजनों एवं मां के जयकारों से पूरी सरोवर नगरी गुंजायमान रही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी किए दर्शन
22 सितंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मां नन्दा सुनंदा के दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने मां के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
इसके बाद बुधवार सुबह से ही मां नन्दा सुनंदा की पूजा-अर्चना की गई। मां के जयकारों के बीच मां का डोला नगर परिक्रमा के लिए रवाना हुआ। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां अब अपने मायके से ससुराल के लिए विदा हुईं। विदाई के दौरान श्रद्धालुओं की आंखों में भावुकता दिखाई दी।
माल रोड पर बारिश की बौछारों के बीच निकली शोभायात्रा
जब मां का डोला मंदिर से निकला तो मौसम साफ और सुहावना था। शोभायात्रा जैसे ही माल रोड के आसपास पहुंची, आसमान में बादल छा गए और हल्की बारिश की बौछारें होने लगीं। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और शोभायात्रा निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ती रही।
शोभायात्रा में छोलिया दल भी शामिल रहा। शोभायात्रा माल रोड होते हुए तल्लीताल बाजार पहुंची, जहां श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद मां वैष्णो देवी मंदिर में भी शोभायात्रा का स्वागत किया गया। यहां पहुंचे सैलानियों ने भी मां नन्दा सुनंदा के दर्शन किए।
जगह-जगह फूलों से हुआ शोभायात्रा का स्वागत
शोभायात्रा इसके बाद माल रोड होते हुए मल्लीताल बाजार की ओर पहुंची। माल रोड पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
सुबह से ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के नैनीताल पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। मां नन्दा सुनंदा की विदाई के अवसर पर श्रद्धालुओं में भक्ति के साथ भावुकता भी नजर आई। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखाई दीं।
पुलिस बल रहा तैनात, श्रद्धालुओं ने की खरीदारी
शोभायात्रा में श्रीराम सेवक सभा के पदाधिकारियों के साथ ही नगर के अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शोभायात्रा के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
इस दौरान लोगों ने महोत्सव स्थल पर लगी विभिन्न दुकानों से जमकर खरीदारी भी की। एक सप्ताह तक चले मां नन्दा सुनंदा महोत्सव में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मेले का भी आनंद लिया।
देर शाम नैनी झील में किया जाएगा विसर्जन
मां नन्दा सुनंदा की प्रतिमाओं का देर शाम गोल्ज्यू मंदिर के पास नैनी झील में विसर्जन किया जाएगा। एक सप्ताह तक चले महोत्सव के दौरान हजारों लोगों ने धार्मिक आयोजन, भजन, नाच-गाना और अन्य कार्यक्रमों का आनंद लिया।
नैना देवी मंदिर में दिन-रात भजनों का कार्यक्रम चलता रहा। अब महोत्सव के समापन पर मां नन्दा सुनंदा को भावभीनी विदाई दी गई। विदाई के दौरान श्रद्धालु भावुक नजर आए और कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
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नैनीताल, उत्तराखंड
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