दीपावली के बीच पंचायती राज चुनाव, शिक्षक संघ ने तिथि बदलने की मांग


3 से 7 नवंबर तक चुनावी ड्यूटी को लेकर आपत्ति, शिक्षक संघ ने जनहित और मतदान सुविधा के लिए कार्यक्रम पर पुनर्विचार की मांग की

सवाई माधोपुर। पंचायती राज संस्थाओं के तृतीय चरण के चुनाव कार्यक्रम को लेकर राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने राज्य निर्वाचन आयोग से निर्धारित चुनाव तिथियों में संशोधन की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता राहुल सिंह गुर्जर ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान, जयपुर को ज्ञापन भेजकर 4 से 7 नवंबर 2026 तक निर्धारित चुनाव कार्यक्रम को दीपावली पर्व से अलग किसी उपयुक्त तिथि पर कराने का आग्रह किया है।

तीन से सात नवंबर तक लगातार चुनावी ड्यूटी

संघ ने ज्ञापन में बताया कि तृतीय चरण के चुनाव के तहत 3 नवंबर को मतदान दलों की रवानगी से लेकर 7 नवंबर तक लगातार पांच दिनों तक चुनाव संबंधी कार्य निर्धारित हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 नवंबर को पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों के लिए मतदान, 5 नवंबर को पंच एवं सरपंच पद के लिए नामांकन, 6 नवंबर को सरपंच पद के लिए मतदान तथा 7 नवंबर को उप सरपंच पद का निर्वाचन होना है।

दीपावली पर्व के दौरान चुनाव से व्यावहारिक कठिनाई

शिक्षक संघ का कहना है कि पूरा चुनाव कार्यक्रम दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार के दौरान होने से आमजन, मतदाताओं और चुनाव कार्मिकों के सामने व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं।

संघ के अनुसार 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को रूप चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली और 8 नवंबर को महालक्ष्मी पूजन का पर्व है। धनतेरस के अवसर पर आमजन खरीदारी, व्यापार, कृषि कार्य के साथ पारिवारिक एवं धार्मिक तैयारियों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में संघ ने मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की संभावना भी जताई है।

दूर पदस्थ शिक्षकों के सामने घर पहुंचने की चुनौती

संघ ने यह भी बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं सरकारी कर्मचारी अपने गृह जिलों से सैकड़ों किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। लगातार चुनावी ड्यूटी के कारण उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद 8 नवंबर को दीपावली के अवसर पर अपने परिवार और गृह जिले तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है।

त्योहार के समय परिवहन साधनों पर बढ़ने वाला दबाव भी चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन सकता है।

लोकतंत्र के पर्व और दीपावली के बीच संतुलन की मांग

जिलाध्यक्ष राहुल सिंह गुर्जर ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, वहीं दीपावली भी देश-प्रदेश के लोगों का महत्वपूर्ण पारिवारिक और सामाजिक पर्व है। ऐसे में दोनों महत्वपूर्ण आयोजनों की तिथियां एक-दूसरे से टकराने के बजाय ऐसी तिथि निर्धारित की जानी चाहिए, जिससे आम मतदाता निर्बाध रूप से मतदान कर सके और चुनाव कार्य में लगे शिक्षक एवं कर्मचारी भी अपने परिवार के साथ दीपावली मना सकें।

उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से जनहित, मतदाता सुविधा, अधिकतम मतदान तथा चुनाव कार्मिकों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए तृतीय चरण के चुनाव कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

उपयुक्त नई तिथि घोषित करने का आग्रह

शिक्षक संघ ने राज्य निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि दीपावली पर्व से अलग उपयुक्त तिथियां निर्धारित कर चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाए। संघ ने विश्वास जताया कि आयोग व्यापक जनहित और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा।

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