5 एचपी सोलर पंप की मदद से चौथ का बरवाड़ा के किसान बनवारीलाल मीणा ने सिंचाई लागत घटाकर उत्पादन और आय में वृद्धि हासिल की
सवाई माधोपुर, 24 जून। पीएम-कुसुम योजना किसानों के लिए खेती में आत्मनिर्भरता और समृद्धि का नया माध्यम बन रही है। उपखंड चौथ का बरवाड़ा की ग्राम पंचायत महापुरा निवासी युवा किसान बनवारीलाल पुत्र अर्जुन मीणा के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना नई उम्मीद लेकर आई है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में वर्ष 2025-26 के दौरान उनके खेत पर 5 एचपी क्षमता का सोलर पंप स्थापित किया गया, जिससे खेती में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली स्थापित होने के बाद अब किसान को बिजली कटौती या अन्य सिंचाई साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। समय पर सिंचाई उपलब्ध होने से फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई है और आय के नए अवसर भी बने हैं।
1.5 हेक्टेयर भूमि पर खेती करते हैं बनवारीलाल
लगभग 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खेती करने वाले बनवारीलाल मीणा ने बताया कि पहले सिंचाई की अनिश्चितता और लगातार बढ़ती लागत के कारण उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से उत्पादन प्रभावित होता था और खर्च भी बढ़ जाता था।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक गिर्राज प्रसाद कोठारी के मार्गदर्शन में उन्होंने पीएम-कुसुम योजना के तहत आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उनके खेत पर करीब 2.92 लाख रुपये लागत का सोलर पंप संयंत्र स्थापित किया गया।
60 प्रतिशत अनुदान से मिला बड़ा लाभ
बनवारीलाल को इस सोलर संयंत्र पर 60 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ। इसके अलावा जनजाति वर्ग से संबंधित होने के कारण उन्हें 45 हजार रुपये का अतिरिक्त अनुदान भी दिया गया। इस प्रकार उन्हें केवल 84 हजार 221 रुपये का कृषक अंश जमा कर संयंत्र स्थापित कराने का अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि यदि यह योजना नहीं होती तो इतनी बड़ी लागत का संयंत्र लगाना उनके लिए आसान नहीं था। सरकारी सहायता के कारण उन्हें आधुनिक तकनीक अपनाने का अवसर मिला और खेती की दिशा बदल गई।
घटी लागत, बढ़ी पैदावार और आय
बनवारीलाल मीणा का कहना है कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था से डीजल और बिजली पर होने वाला खर्च काफी कम हो गया है। अब फसलों को समय पर पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि खेती पहले की तुलना में अधिक लाभकारी बन गई है। सिंचाई की चिंता कम होने से कृषि कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित किया जा रहा है और उत्पादन क्षमता में भी सुधार देखने को मिला है।
ग्रामीण सेवा शिविर में साझा की सफलता की कहानी
ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में बनवारीलाल ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाकर किसान खेती को आधुनिक, आत्मनिर्भर और लाभकारी बना सकते हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी ऐसी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
महापुरा बना सोलर पंप स्थापना में अग्रणी ग्राम पंचायत
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत महापुरा पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर संयंत्र स्थापना में अग्रणी ग्राम पंचायत के रूप में उभरकर सामने आई है। क्षेत्र में सौर ऊर्जा आधारित कृषि को लगातार बढ़ावा मिल रहा है।
ब्लॉक सहायक कृषि अधिकारी विजय जैन ने बताया कि क्षेत्र में अब तक लगभग 170 किसान सोलर पंप संयंत्रों से लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं 150 से अधिक किसान योजना से जुड़ने के इच्छुक हैं और आवेदन प्रक्रिया में रुचि दिखा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि महापुरा में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई का लगातार बढ़ता दायरा किसानों के लिए समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रहा है। सौर ऊर्जा से खेतों में केवल पानी ही नहीं पहुंच रहा, बल्कि किसानों के जीवन में खुशहाली और आर्थिक मजबूती भी आ रही है।
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