टोंक में पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का देसी अंदाज, पशुपालकों संग चराईं बकरियां


सिर पर साफा, कंधे पर अंगोछा और हाथ में लाठी लेकर पशुपालकों के बीच पहुंचे सैनी, जनसुनवाई में अधिकारियों को दिए निर्देश।

टोंक। पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी का ग्रामीण और जमीन से जुड़ा अंदाज एक बार फिर देखने को मिला। चौरू क्षेत्र में सैनी बकरी-भेड़ पालकों के साथ बकरियां चराते नजर आए। सिर पर देशी साफा, कंधे पर अंगोछा, हाथ में लाठी और ऊपर छतरी लिए उनका यह सहज अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

इस दौरान बकरी पालक शिवराज धाकड़ ने सैनी से मुलाकात पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व मंत्री को पहले टीवी और अखबारों में देखा था, लेकिन उन्हें पशुपालकों के साथ बकरियां चराते देखकर उन्हें काफी प्रसन्नता हुई।

पशुपालकों के साथ सहजता से बिताया समय

बकरी पालक शिवराज धाकड़ और भेड़ पालक शिवराज गुर्जर ने कहा कि पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी के कार्यकाल में भेड़-बकरी पालकों के हित में कई योजनाओं और कार्यों से पशुपालकों को लाभ मिला।

उन्होंने कहा कि सैनी के कार्यकाल के दौरान पशुपालकों के लिए लागू योजनाओं से उन्हें संबल मिला। पशुपालकों के बीच पूर्व मंत्री का सहजता से घुल-मिल जाना उनके ग्रामीण परिवेश और जमीनी जुड़ाव को दर्शाता है।

नैनवां में जनसुनवाई, अधिकारियों को दिए निर्देश

चौरू क्षेत्र के दौरे के दौरान पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी ने नैनवां में कार्यकर्ताओं और आमजन की समस्याएं भी सुनीं। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने विभिन्न समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि बारिश से पहले आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर किए जाने चाहिए थे, ताकि आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र समाधान करने तथा आमजन को राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

नैनवां-कोरमा रोड का किया औचक निरीक्षण

पूर्व मंत्री ने नैनवां-कोरमा रोड पर चल रहे विकास कार्यों का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मौके पर चल रही गतिविधियों का जायजा लिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन करने तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ आमजन तक पहुंचना चाहिए और निर्माण कार्य लंबे समय तक उपयोगी रहने वाले होने चाहिए।

किसानों और पशुपालकों से जुड़ाव की चर्चा

डॉ. प्रभुलाल सैनी के किसानों और पशुपालकों के बीच सहज व्यवहार की स्थानीय स्तर पर चर्चा होती रही है। इस दौरे के दौरान पशुपालकों के साथ समय बिताने की तस्वीरें और वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और नेता जब आमजन के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सीधे सुनते हैं और उनके साथ समय बिताते हैं तो लोगों का जुड़ाव और विश्वास मजबूत होता है।

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