यमुना नदी में प्रतापपुर पार्टून पुल चालू आवागमन हुआ आसान


लेकिन सवाल फिर वही आखिर कब तक मिलेगा स्थाई समाधान?

प्रयागराज। जनपद के यमुनानगर लालापुर क्षेत्र के प्रतापपुर में यमुना नदी पर पीपा का पुल चालू होने से लोगों का आना-जाना आसान हो गया है। लेकिन स्थाई समाधान की मांग अभी भी बनी हुई है। प्रतापपुर पीपा पुल केवल 4 महीने के लिए बनाया जाता है जो बारिश के मौसम में नष्ट हो जाता है। इस पुल से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं, जिन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।स्थाई पुल बनने से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट ,बांदा और मध्य प्रदेश के लोगों को सुगमता होगी। इससे व्यापार परिवहन और सामाजिक संपर्क में वृद्धि होगी। स्थाई पुल की स्थापना से न केवल स्थानीय लोगों को लाभ होगा बल्कि यह क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।एक जिले से दूसरे जिले को जोड़ने वाला यह पीपा पुल सुबह की पहली किरण के साथ जब प्रतापपुर घाट पर पीपा पुल से पहला कदम रखा गया,तो सिर्फ एक पुल नहीं खुला बल्कि वर्षों से इंतजार कर रहे ग्रामीणों की उम्मीदें भी जाग उठीं।प्रतापपुर घाट पर पीपा पुल के चालू होते ही लोगों के चेहरों पर राहत साफ झलकने लगी। चार महीनों के लिए ही सही,लेकिन ज़िंदगी थोड़ी आसान जरूर हो गई है। मगर यही राहत अपने साथ एक कड़वा सच भी लेकर आई है। यह पुल सिर्फ चार महीने का मेहमान है। चार महीने बाद पीपा पुल हटेगा और फिर वही पुरानी कहानी—नाव,जोखिम,इंतजार और बेबसी। ग्रामीणों की ज़िंदगी हर साल इसी अस्थायी इंतज़ाम के भरोसे चलती है। बरसात आते ही नदी उफान पर होती है। और प्रतापपुर घाट फिर उसी सवाल के साथ खड़ा होगा राहत अस्थायी क्यों,विकास स्थायी कब? हाला कि बारा विधानसभा के विधायक डॉ वाचस्पति ने विधानसभा के सत्र में इस मुद्दे को उठाया था और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने स्थाई पुल निर्माण कराए जाने की हरी झंडी भी दे दी है। केंद्रीय मंत्री के आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण का निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है मगर अभी तक कार्य अधर में अटका हुआ है। जबकि लोक निर्माण विभाग के एसडीओ ने यमुना के बढ़े जलस्तर का हवाला देते हुए कहा था कि यमुना नदी के बढ़े जलस्तर के कारण निर्माण कार्य में देरी हो रही है नदी का जलस्तर घटते ही काम शुरू होगा मगर अभी तक ऐसा देखने को नहीं मिला है। अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित अधिकारी कब मौके का निरीक्षण करेंगे और कब निर्माण कार्य शुरू होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।


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