किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने जांच की, 11 नमूने लिए और पांच लाइसेंस निलंबित किए।
प्रयागराज | प्रयागराज में कृषि विभाग की कार्रवाई के तहत किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं कीटनाशी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलेभर में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कृषि विभाग की टीमों ने उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक छापेमारी करते हुए नियमों और गुणवत्ता मानकों की जांच की।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार के नेतृत्व में गठित टीमों ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उर्वरक एवं कीटनाशी उत्पादों की गुणवत्ता, उपलब्ध स्टॉक, बिक्री से संबंधित अभिलेखों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
25 प्रतिष्ठानों का किया गया निरीक्षण
कृषि विभाग द्वारा चलाए गए इस अभियान के तहत कुल 25 उर्वरक एवं कीटनाशी प्रतिष्ठानों पर छापेमारी एवं निरीक्षण की कार्रवाई की गई। विभागीय टीमों ने विक्रेताओं के यहां उपलब्ध कृषि सामग्री की जांच करते हुए नियमों के पालन की स्थिति देखी।
निरीक्षण के दौरान संदिग्ध पाए गए उर्वरक एवं कीटनाशी उत्पादों के 11 नमूने संग्रहित किए गए। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनियमितता मिलने पर लाइसेंस निलंबित
अभियान के दौरान कई विक्रेताओं के यहां अनियमितताएं पाए जाने पर कृषि विभाग ने सख्त कदम उठाए। विभाग ने पांच विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।
इसके अलावा एक विक्रेता को चेतावनी जारी की गई, जबकि दो विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय अवधि में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के हितों की रक्षा विभाग की प्राथमिकता
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को केवल गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं कीटनाशी उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिलावट, कालाबाजारी या कृषि नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिससे किसानों को सही गुणवत्ता वाली कृषि सामग्री मिल सके।
आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
कृषि विभाग ने बताया कि जनपद में इस तरह के आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं कीटनाशी उपलब्ध कराना तथा कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
विभाग ने सभी उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेताओं को नियमों का पालन करने और किसानों को मानक के अनुरूप कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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