साहूनगर स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर अपराध, बाल विवाह, पोक्सो एक्ट और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
सवाई माधोपुर, 20 अगस्त 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में नालसा जागृति योजना 2025 के तहत ‘सशक्त युवा सशक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत गुरुवार को महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, साहूनगर में विधिक जागरूकता रैली एवं शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, साइबर अपराधों से बचाव तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना रहा।
विधिक जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के प्रारंभ में पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता एवं असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने विधिक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने और कानून की जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया।
रैली में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश मंगल, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने रैली के माध्यम से बाल विवाह रोकथाम, साइबर अपराधों से बचाव तथा विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट की जानकारी
रैली के दौरान पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट), 2012 के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को उनके कानूनी संरक्षण और किसी भी अनुचित घटना की स्थिति में सहायता लेने के महत्व से अवगत कराया।
लीगल लिट्रेसी क्लब की भूमिका समझाई
रैली के बाद आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश मंगल ने लीगल लिट्रेसी क्लब के महत्व एवं उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लीगल लिट्रेसी क्लब के माध्यम से विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को उनके अधिकारों एवं कानूनों के प्रति जागरूक किया जा सकता है। साथ ही विद्यार्थी विधिक जानकारी को अपने परिवार एवं आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय
लीगल लिट्रेसी क्लब के प्रभारी इकराम अहमद ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध, उनसे होने वाले नुकसान और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने, सोशल मीडिया अपराध, फर्जी कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अपनी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समितियों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
बाल विवाह रोकथाम में युवाओं की भूमिका बताई
अधिकार मित्र मुकेश कुमार शर्मा एवं गिर्राज रैगर ने विद्यार्थियों को बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने में विद्यार्थियों एवं युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा अपने आसपास बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने का आह्वान किया।
छात्रा ने भी दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्रा अशरा कागजी ने भी साइबर सुरक्षा विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया पर सावधानी तथा ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों के बारे में अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून की जानकारी प्राप्त करने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जिम्मेदारी से भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
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