गंगापुर सिटी में सवर्ण संघर्ष समिति की बैठक, EWS आरक्षण की मांग पर आंदोलन की रणनीति


निकाय एवं पंचायत चुनाव में EWS को 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग, केंद्र की आरक्षण नीति और UGC कानून को लेकर आंदोलन तेज करने पर बनी सहमति।

गंगापुर सिटी। सवर्ण संघर्ष समिति गंगापुर सिटी की महत्वपूर्ण बैठक रविवार 9 अगस्त को सीताराम जी मंदिर, पुरानी अनाज मंडी में वरिष्ठ सदस्य सीताराम सिसोदिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समिति की आगामी कार्ययोजनाओं, EWS वर्ग को निकाय एवं पंचायत राज चुनावों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग तथा आगामी आंदोलन की रणनीति को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में सदस्यों ने कहा कि राजस्थान सरकार के समक्ष EWS वर्ग को आगामी नगर निकाय एवं पंचायत राज चुनावों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा। इसके लिए राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में सवर्ण समाज के लोगों से संपर्क कर उन्हें एकजुट करने तथा मांग को व्यापक स्तर पर सरकार तक पहुंचाने पर सहमति बनी।

सवर्ण समाज को एकजुट करने पर जोर

बैठक में समिति की आगामी गतिविधियों को लेकर चर्चा करते हुए राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाने पर विचार किया गया। सदस्यों ने कहा कि EWS आरक्षण की मांग को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रखने के लिए समाज के अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ना आवश्यक है।

समिति की ओर से सक्रिय एवं समर्पित सदस्यों को आगामी आंदोलन की जिम्मेदारियों से जोड़ने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई।

दिल्ली सहित विभिन्न आंदोलनों में भागीदारी पर चर्चा

बैठक में दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर आरक्षण व्यवस्था में बदलाव तथा UGC से जुड़े कानून को लेकर चल रहे आंदोलनों पर भी चर्चा की गई। सदस्यों ने कहा कि कमजोर वर्गों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों में समिति की ओर से सहभागिता की जाएगी।

साथ ही आगामी दिनों में समिति की ओर से किए जाने वाले आंदोलनों की रूपरेखा तैयार करने तथा विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।

राजनेताओं के विरोध की रणनीति पर भी चर्चा

बैठक में सवर्ण समाज से जुड़े राजनेताओं, सांसदों, विधायकों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े प्रत्याशियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने आरोप लगाया कि UGC और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर समाज के कुछ राजनीतिक प्रतिनिधि अपेक्षित रूप से अपनी बात नहीं रख रहे हैं।

बैठक में ऐसे नेताओं के विरोध के प्रतीकात्मक तौर पर चूड़ियां भेजने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर संबंधित नेताओं का घेराव करने और विरोध दर्ज कराने की रणनीति पर भी विचार किया गया।

आगामी आंदोलन के लिए सक्रिय सदस्यों को जोड़ने का निर्णय

समिति ने आगामी आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए सवर्ण समाज के सक्रिय, समर्पित एवं सामाजिक कार्यों में रुचि रखने वाले लोगों को संगठन से जोड़ने का निर्णय लिया। सदस्यों ने कहा कि संगठन का विस्तार होने से समाज की विभिन्न मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ उठाया जा सकेगा।

बैठक में गोविंद बरनाला, महेंद्र लोढ़ी, वैद्य राजेंद्र शर्मा, रविंद्र खंडेलवाल, महेशपाल सिंह जादौन, शैलेंद्र शर्मा, प्रहलाद मेठी, कैलाश खंडेलवाल, घनश्याम रावत, हरिकिशन भारद्वाज, चंद्रप्रकाश पाराशर, प्रहलाद शर्मा, दीनदयाल मच्छीपुरा, महेश कैमला, शिवचरण अन्ना, हेमेंद्र बोहरा, लवली मिश्र, नीरज काडोल्या, राधामोहन अग्रवाल, शंभूसिंह जादौन, कीर्ति शर्मा, विकास शुक्ला, राजेंद्र सिंह राजपूत, लक्ष्मी मिर्जापुर, ओमप्रकाश शर्मा, सुरेश कुमार, दीपक सिंह, ओमप्रकाश जैसावत, कुंदन अग्रवाल, अजय पाराशर, राकेश उपाध्याय, हिम्मत सिंह, विक्रम पाल जादौन, दशरथ सिंह चौहान, महेश गुप्ता, सुरेश गुप्ता, भोला मंगल, मुकेश व्यास, गोपाल दीक्षित, वेदप्रकाश गुप्ता, हरिओम शर्मा, श्यामलाल गुप्ता, वीके बंसल, शिवदयाल गुप्ता, योगेश गर्ग, श्याम रावत, चेतन गोयल, ललित मोहन शर्मा, रूपनारायण खंडेलवाल, विनोद सिंह राजपूत, दीपक शर्मा, पूरण मल गुप्ता, नवीन नाटानी, मुकेश शर्मा महूंकला, गिर्राज शर्मा, पंकज गुप्ता एवं सुरेश खेड़ा सहित बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के बंधु उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *