जैन श्रमणों के पैदल विहार, विश्राम, सुरक्षा और चातुर्मास के लिए भूमि आवंटन को लेकर समिति एवं जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
बीकानेर, 25 जून। राजस्थान सरकार के संकल्प पत्र में किए गए वादे “हम जैन संतों के चातुर्मास के लिए भूमि आवंटित करेंगे तथा पर्याप्त प्रोटेक्शन प्रदान करेंगे” के क्रम में जैन श्रमणों (साधु-साध्वियों) के पैदल विहार, आहार, निहार, विश्राम एवं चातुर्मास के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर जिला स्तर पर गठित श्रमण विहार और सुरक्षा एवं भूमि आवंटन समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई।
अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निदेशक के निर्देश एवं जिला कलक्टर के आदेशानुसार आयोजित इस बैठक का आयोजन कलक्टर सभागार में अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेद सिंह रतनू की अध्यक्षता में किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जैन श्रमणों के पैदल विहार, विश्राम स्थलों तथा चातुर्मास के लिए भूमि आवंटन संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श करना था।
जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
बैठक में अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय के प्रबुद्धजन, विषय विशेषज्ञ, युवा, समाजश्रेष्ठी, जैन जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, फेडरेशन के प्रतिनिधि, जैन स्वयंसेवी संगठन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव समिति के अध्यक्ष, सदस्यों एवं सचिव के समक्ष प्रस्तुत किए।
प्रतिनिधियों ने गंगाशहर रोड स्थित शिव वैली क्षेत्र सहित जिले के अन्य उपयुक्त स्थानों का चयन कर जैन श्रमणों के चातुर्मास एवं विश्राम के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की। साथ ही उन्होंने इस कार्य में ब्लॉक एवं स्थानीय स्तर पर कार्यरत राजस्व अधिकारियों का सहयोग उपलब्ध कराने की भी गुहार लगाई।
इस पर समिति के अध्यक्ष, सदस्यों और सचिव ने आवश्यक सहयोग का आश्वासन प्रदान किया।
श्रमण विहार पथ और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक के दौरान जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने श्रमणों की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें श्रमण विहार पथ का निर्माण, पैदल विहार मार्ग का चिन्हांकन, चेतावनी संकेतक बोर्ड स्थापित करना, पैदल विहार पथ की मरम्मत तथा श्रमणों की सुरक्षा के लिए विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त करना शामिल रहा।
इसके अतिरिक्त प्रतिनिधियों ने जिला स्तर पर जैन श्रमणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का भी सुझाव दिया, ताकि पैदल विहार और चातुर्मास के दौरान व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सकें।
भूमि आवंटन में विलंब नहीं करने की मांग
बैठक में जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि समुदाय लंबे समय से भूमि आवंटन के लिए प्रयासरत है। ऐसे में इस विषय को अधिक समय तक लंबित रखना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार द्वारा बीकानेर जिले में समुदाय के सुझावों के आधार पर भूमि आवंटित की जाती है, तो उस भूमि पर आवश्यक भवनों और सुविधाओं का निर्माण करवाने के लिए जैन समुदाय पूरी तरह तैयार है।
गोगागेट पुलिस चौकी को पुनः सक्रिय करने की मांग
चातुर्मास काल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रतिनिधियों ने गोगागेट स्थित पुलिस चौकी को पुनः सक्रिय करने की मांग भी उठाई।
इस पर उप पुलिस अधीक्षक किशन सिंह राठौड़ ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए पुलिस चौकी को शीघ्र सक्रिय करने का आश्वासन दिया। इससे चातुर्मास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
सरकार और विभागों का जताया आभार
बैठक के दौरान जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस अभिनव पहल के लिए मुख्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक मामलात विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही जैन श्रमणों के पैदल विहार, निहार, विश्राम और चातुर्मास के दौरान व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाले सभी विभागों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
बैठक के अंत में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एवं श्रमण विहार और सुरक्षा एवं भूमि आवंटन समिति के सचिव राजेश कुमार कालवा ने सभी अतिथियों, समिति सदस्यों और जैन समुदाय के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक के समापन की घोषणा की।
ये रहे उपस्थित
बैठक में उप पुलिस अधीक्षक किशन सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजेश कुमार कालवा, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष मोहन सुराणा, जैन महासभा अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा, महामंत्री जतनलाल संचेती, उपाध्यक्ष संजय सांड, पूर्व अध्यक्ष विनोद बाफना, सह सचिव मनीष नाहटा, पूर्व सचिव मेघराज बोथरा, गगन कुमार सेठिया, अरुणा गुलगुलिया, जयचन्द लाल सुखानी, डॉ. जे.एस. मेहता, संतोष बांठिया, प्रमोद चोरड़िया, अरुण जैन, विक्रम भुगड़ी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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