रचनात्मकता का केंद्र बना शिविर
शाहपुरा, मूलचन्द पेसवानी। शाहपुरा के पीएमश्री राजकीय बालिका विद्यालय में विशेष आयोजन हो रहा है। भारत विकास परिषद द्वारा यहाँ एक अभिरूचि शिविर का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, यह शिविर छात्राओं की प्रतिभाओं को नई उड़ान देने का सशक्त माध्यम बन गया है। इसलिए, बालिकाओं में नई चीजें सीखने को लेकर भारी उत्साह नजर आ रहा है।
विविध गतिविधियों में छात्राओं का प्रदर्शन
शिविर में कई तरह की कलात्मक गतिविधियां सिखाई जा रही हैं। हालाँकि, छात्राओं की रुचि रेजन आर्ट और मेहंदी डिजाइन में विशेष रूप से दिखी। इसके अतिरिक्त, डांस, कैलीग्राफी और हारमोनियम प्रशिक्षण का भी आयोजन किया गया है। इसलिए, पूरा विद्यालय परिसर रचनात्मक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दे रहा है।
गणमान्य व्यक्तियों ने किया अवलोकन
शुक्रवार को अनेक सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र के प्रबुद्धजन यहाँ पहुंचे। इनमें रामप्रसाद पारीक, मूलचन्द पेसवानी और जयदेव जोशी ने शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने छात्राओं की लगन की खूब सराहना की। साथ ही, डॉ. सत्यनारायण कुमावत और कैलाश धाकड़ जैसे विशेषज्ञों ने भी व्यवस्थाओं की तारीफ की है।
सर्वांगीण विकास पर जोर
पवन बांगड़ के अनुसार, यह आयोजन बालिकाओं को पढ़ाई के साथ कला से जोड़ेगा। इसलिए, इसका समापन 24 मई को रंगारंग कार्यक्रमों के साथ होगा। हालाँकि, इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ाना है। साथ ही, अभिभावकों ने भी बच्चों की बढ़ती भागीदारी पर संतोष व्यक्त किया है।
सहयोग और मार्गदर्शन
आयोजन को सफल बनाने में कई पदाधिकारी जुटे हुए हैं। शिविर प्रभारी मधु पाटनी और महिला संयोजिका निर्मला मूंदड़ा निरंतर सक्रिय हैं। इसके अलावा, रामप्रसाद हेड़ा जैसे कार्यकर्ताओं ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अतः यह सामूहिक प्रयास छात्राओं के भविष्य को संवारने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
