शिक्षक हित में 24 सूत्रीय मांग-पत्र राज्य सरकार को भेजा


सवाई माधोपुर में जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन के बाद शिक्षकों ने शिक्षा, विद्यार्थी और विद्यालय हित से जुड़ी 24 मांगें सरकार के समक्ष रखीं।

सवाई माधोपुर। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ, जिला शाखा सवाई माधोपुर के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन में जिलेभर से आए शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने शिक्षा, शिक्षक, विद्यार्थी एवं विद्यालय हित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर व्यापक मंथन किया। सम्मेलन में शिक्षकों ने अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों, समस्याओं और सुझावों को प्रमुखता से रखा। इसके बाद सामूहिक विचार-विमर्श के आधार पर मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री एवं मुख्य सचिव को 24 सूत्रीय मांग-पत्र भेजा गया।

टेट की अनिवार्यता से राहत और स्थानांतरण की मांग

संगठन के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता राहुल सिंह गुर्जर ने बताया कि मांग-पत्र में वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से राहत देने की मांग प्रमुखता से रखी गई है। इसके साथ ही तृतीय श्रेणी शिक्षकों, प्रबोधकों एवं शारीरिक शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया खोलकर शीघ्र स्थानांतरण करने तथा सभी शिक्षक संवर्गों की डीपीसी समय पर करवाने की मांग की गई है।

उन्होंने बताया कि आरजीएचएस में शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पूर्व की भांति समस्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा पंचायत शिक्षक, विद्यालय सहायक, संविदा शिक्षक, शिक्षाकर्मी, पैराटीचर एवं अन्य संविदाकर्मियों को स्थायी कर्मचारी घोषित करने की मांग भी मांग-पत्र में शामिल की गई है।

विद्यालय सहायकों को पंचायत शिक्षक पद पर अवसर देने की मांग

प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैयालाल सैनी ने बताया कि विद्यालय सहायकों की बीपीएड एवं सीपीएड योग्यता तथा सेवा अनुभव को मान्यता देते हुए पंचायत शिक्षक पद पर नियुक्ति अथवा समायोजन का अवसर देने की मांग की गई है।

इसके अलावा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को ऑनलाइन कार्यों के लिए कंप्यूटर, लैपटॉप एवं प्रिंटर उपलब्ध करवाने की मांग भी रखी गई। गर्मी को देखते हुए विद्यालय समय यथावत प्रातः 7.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक रखने तथा वर्ष 2007-08 में नियुक्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों एवं प्रबोधकों की वेतन विसंगति दूर कर एक वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई है।

गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग

जिला सभाध्यक्ष प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि विद्यालय एवं छात्र हित को देखते हुए शिक्षकों को बीएलओ सहित सभी गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं में शिक्षकों की ड्यूटी एक ही पारी में लगाने तथा मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है।

इसके साथ ही जनगणना कार्य में लगे प्रगणक, पर्यवेक्षकों एवं अन्य कार्मिकों के मानदेय का शीघ्र भुगतान करने तथा बैकडेट से वरिष्ठता पदोन्नति के कारण एसीपी निरस्त होने एवं रिकवरी से प्रभावित कार्मिकों को राहत प्रदान करने की मांग की गई है।

मांग-पत्र में तृतीय श्रेणी शिक्षक से सीधी भर्ती द्वारा अन्य उच्च पदों पर नियुक्त तथा अन्य विभाग से तृतीय श्रेणी शिक्षक पद पर नियुक्त कार्मिकों के पे-प्रोटेक्शन आदेश को प्रत्याहारित करने की मांग भी रखी गई है। साथ ही पत्राचार से बीएड कर रहे तृतीय श्रेणी शिक्षकों की इंटर्नशिप अवधि का वेतन नहीं काटने की मांग की गई है।

कुक-कम-हेल्पर का मानदेय बढ़ाने की मांग

प्रदेश संयुक्त महामंत्री गिर्राज वर्मा ने बताया कि संगठन ने पोषाहार कार्य में लगे कुक-कम-हेल्पर का मानदेय एवं पोषाहार पकाने की राशि बढ़ाने की मांग भी उठाई है।

सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक के पद सृजित करने एवं शारीरिक शिक्षा को मूल विषय के रूप में शामिल करने की मांग की गई है। इसके अलावा विगत वर्षों में क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक एवं व्याख्याता पद स्वीकृत करने तथा अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए शीघ्र बजट आवंटित करने की मांग भी रखी गई है।

शारीरिक शिक्षक भर्ती-2022 के शेष कार्मिकों के स्थाईकरण की मांग

संगठन ने शारीरिक शिक्षक भर्ती-2022 में नियुक्त शेष शारीरिक शिक्षकों के स्थाईकरण एवं वेतन नियमितीकरण आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत ग्रामीण भत्ता देने की मांग भी की गई है।

वर्ष 2004 के बाद चयनित शिक्षकों, प्रबोधकों एवं कर्मचारियों की एनपीएस राशि वापस लेकर जीपीएफ में जमा करने तथा पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग भी मांग-पत्र में शामिल है।

व्याख्याता पद सृजित करने और सीएसजी ग्रांट बढ़ाने की मांग

संगठन ने अनिवार्य अंग्रेजी एवं अनिवार्य हिंदी विषय के व्याख्याता पद सृजित करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी है। इसके साथ ही सीएसजी ग्रांट की राशि बढ़ाकर सत्र के प्रथम माह में ही विद्यालयों को उपलब्ध करवाने की मांग की गई है।

सरकार से समयबद्ध कार्रवाई का आग्रह

राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने राज्य सरकार से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि इन समस्याओं का समयबद्ध निराकरण होने से सवाई माधोपुर जिले सहित प्रदेश के शिक्षक समुदाय को राहत मिलेगी।

संगठन के अनुसार, शिक्षक एवं विद्यालयों से जुड़ी इन समस्याओं का समाधान होने से विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं सुचारू बनाने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

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