लगातार बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर प्रशासन अलर्ट


प्रयागराज। संगम नगरी में इस समय बाढ़ और बारिश की दोहरी मार से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है और आज दोपहर ढाई बजे से शुरू हुई तेज बारिश ने हालात को और अधिक चिंताजनक बना दिया है। जहां एक ओर इस बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं दूसरी ओर निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है। शहर के झूंसी, नैनी, करेली, दारागंज और संगम क्षेत्र सहित कई निचले मोहल्ले पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है, वहीं कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है।– 88 से अधिक बाढ़ चौकियां सक्रिय, NDRF-SDRF तैनात– प्रशासन ने अब तक 88 से अधिक बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया है और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।– गंगा का जलस्तर लेटे हनुमान जी तक पहुंचा, श्रद्धालु भावुक– सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य संगम क्षेत्र में देखा गया, जहां गंगा नदी का पानी लेटे हनुमान जी की विशाल प्रतिमा तक पहुंच गया है। स्थानीय जनमान्यता के अनुसार, जब गंगा मईया लेटे हनुमान जी को स्नान कराती हैं, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है। हालांकि, प्रशासन के लिए यह चेतावनी है कि जलस्तर लगातार और तेज़ी से बढ़ रहा है।– प्रशासन की अपील—सतर्क रहें, सहयोग करें–जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटे में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रयागराज इस समय गंभीर जल संकट से गुजर रहा है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा है, लेकिन जनसहयोग और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। मौसम की मार और बढ़ते जलस्तर के बीच संगम नगरी एक बार फिर अपनी परीक्षा दे रही है।


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