ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे पर सवाई माधोपुर में नशामुक्ति जागरूकता शिविर आयोजित


जिलेभर के विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम, एनडीपीएस एक्ट और नशामुक्त जीवन का संदेश दिया।

सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार मंगलवार को ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे के तहत सवाई माधोपुर जिले एवं विभिन्न तालुका मुख्यालयों पर नशे की रोकथाम विषयक व्यापक विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

जिला मुख्यालय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सूरवाल में आयोजित शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार, रोजगार और समाज सभी के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।

जिलेभर के विद्यालयों में आयोजित हुए जागरूकता शिविर

इस अभियान के तहत सुन्दरलाल बंशीवाल (न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शेरपुर-खिलचीपुर, डॉ. प्रियंका पारीक (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शेरपुर, मयंक पालीवाल (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल विद्यालय, सूरवाल, निधि शर्मा (प्रिंसीपल मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड) ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, खिलचीपुर तथा गीतांजलि जादौन (सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जीनापुर में विद्यार्थियों को जागरूक किया।

तालुका स्तर पर भी चला अभियान

गंगापुर सिटी में रेशमा खान (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-2) ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, मीनाक्षी अमित चौधरी (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चूली तथा संगीता मोगा (सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मच्छीपुरा में शिविर आयोजित किए।

इसी प्रकार सुरेश कुमार सेन (बामनवास), विकास नेहरा (बौंली), नेहा मौर्य (चौथ का बरवाड़ा) तथा रविंद्र कुमार (खंडार) ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

एनडीपीएस एक्ट और कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी

शिविरों के दौरान विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों, एनडीपीएस एक्ट-1985 के प्रमुख प्रावधानों, नशा पीड़ितों के पुनर्वास, नशामुक्ति केंद्रों की भूमिका तथा नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई।

इसके साथ ही विद्यार्थियों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने, अपने परिवार एवं समाज को जागरूक करने तथा स्वस्थ और नशामुक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया गया। लीगल एड डिफेंस काउंसिल एवं पैनल अधिवक्ताओं ने भी विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर कानूनी सहायता और नशा मुक्ति के उपायों की जानकारी प्रदान की।

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