सद्भाव की बयार: गंगापुर सिटी में परशुराम जयंती पर दिखा भाईचारे का अनूठा रंग


मुस्लिम समाज ने पलक-पावड़े बिछाकर किया स्वागत

गंगापुर सिटी।पंकज शर्मा। जब समाज में नफरत और दूरियों की खबरें सुर्खियां बनती हैं, तब राजस्थान के गंगापुर सिटी से निकली यह तस्वीर पूरे देश को सुकून देती है। भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा का मुस्लिम समाज और अमन कमेटी द्वारा जिस गर्मजोशी से स्वागत किया गया, उसने साबित कर दिया कि शहर की तहजीब आज भी उतनी ही गहरी और अटूट है।

फूलों से महका रास्ता, साफे से बढ़ा सम्मान

कैलाश टॉकीज के पास परशुराम धर्मशाला के सामने का नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था। जैसे ही शोभायात्रा यहाँ पहुँची, अमन कमेटी के सदस्यों ने जयघोष के बीच फूलों की बारिश शुरू कर दी। मुस्लिम समुदाय के प्रबुद्धजनों ने शोभायात्रा के नेतृत्वकर्ताओं का साफा बांधकर और माला पहनाकर जोरदार इस्तकबाल किया।

तपती दोपहर और चिलचिलाती धूप में शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए मुस्लिम समाज के युवाओं ने ठंडे पानी की सेवा की। राहगीरों और श्रद्धालुओं ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की।

जब रामके वंशजों ने अमनके पैगाम को गले लगाया

यह स्वागत केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि आपसी सम्मान की एक गहरी मिसाल थी। ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने भी उदारता दिखाते हुए अमन कमेटी के सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें विशेष स्मृति चिह्न (तस्वीर) भेंट की। यह क्षण उस समय भावुक हो गया जब दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी।

प्रमुख उपस्थिति: कौमी एकता के स्तंभ

इस सद्भावपूर्ण कार्यक्रम में शहर के कई प्रतिष्ठित लोग शामिल रहे, जिनमें:

  • जाकिर हुसैन (NRI), इस्माइल खान सुरभि और यासीन खान ने नेतृत्व किया।
  • नजीर खान, रफीक खान, हैप्पी खान, जुम्मा खान, हाजी सुब्राती ने व्यवस्थाएं संभालीं।
  • बाबू खान, साबू खान, अबरार भाई ताज, शफीक भाई, मोहम्मद इमरान ने युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
  • नसरुद्दीन सदर, नावेद खान, ज़िदान खान, उस्मान खान, डॉ. इलियास खान, डॉ. आमिर खान व डॉ. इब्राहिम जैसे प्रबुद्धजनों ने एकता का संदेश साझा किया।

खास बात: राजनीति से ऊपर इंसानियत

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगापुर सिटी हमेशा से ही गंगा-जमुनी संस्कृति का केंद्र रहा है। अमन कमेटी के सदस्यों ने संदेश दिया कि त्यौहार किसी एक जाति या धर्म का नहीं, बल्कि खुशियाँ बांटने का जरिया होते हैं। मुस्लिम समाज की इस पहल ने न केवल शोभायात्रा की रौनक बढ़ाई, बल्कि समाज के सामने एकता का एक मजबूत उदाहरण भी पेश किया।

हमारा शहर प्यार और भाईचारे के लिए जाना जाता है। परशुराम जयंती पर स्वागत कर हमने अपनी उसी परंपरा को दोहराया है। हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी भी इसी तरह मिल-जुलकर रहे।”अमन कमेटी, गंगापुर सिटी


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