भीलवाड़ा में सेवा का महासंगमः जयपुर फुट ने लौटाई चाल, श्रवण यंत्र ने दी नई आवाज


भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी। कहते हैं इंसान की पहचान दूसरों का दर्द समझने से होती है, लेकिन जो किसी के जीवन में मुस्कान का उजाला भर दे वही असली देवदूत होता है। भीलवाड़ा की धरती पर आज ऐसा ही सेवा-सागर उमड़ पड़ा है। भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा के तत्वावधान में, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित 56वें दिव्यांगजन शिविर ने सैकड़ों घरों में उम्मीद के दीप जला दिए हैं।
अजय इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के रामेश्वर काबरा के सुपुत्र स्वर्गीय मनीष काबरा की पुण्य स्मृति में लगा यह शिविर कोई औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए नया जीवनदान है, जिनकी चाल थम गई थी या जिनकी सुनने की दुनिया खामोश हो चुकी थी।
शिविर का नजारा दिल छू लेने वाला है। वर्षों से बैसाखियों के सहारे घिसटते पैरों को जब ‘जयपुर फुट’ का मजबूत सहारा मिला, तो आंखों से खुशी के मोती छलक पड़े। चेहरे बता रहे थे अब बोझ नहीं, खुद के पैरों पर खड़े नागरिक बनेंगे। हिंडोली के सूर्य प्रकाश ने कृत्रिम पैर लगते ही मैदान में मोटरसाइकिल दौड़ाकर दिखा दी मानो संदेश दे दिया हो कि हौसलों के आगे दिव्यांगता बौनी है।
उद्घाटन पर हरी सेवा धाम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने कहा कि “जो चेहरे पर मुस्कान ला दे, वह साधारण काम नहीं करता।” आरएसएस विभाग प्रचारक चांदमल सोमानी ने भारतीय संस्कृति की जड़ में छिपा मंत्र उछाला “सनातन में सेवा सर्वोपरि है। पशु परिवार पालते हैं, मनुष्य दूसरों के लिए जीता है।”
शिविर की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक 555 से अधिक दिव्यांगजनों का पंजीयन हो चुका है। यहां कोई टालमटोल नहीं कार्यशाला की तरह युद्धस्तर पर काम चल रहा है। कृत्रिम हाथ-पैर, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर, बैसाखी, कैलीपर, वॉकरकृसब कुछ मौके पर ही। डॉ. के.एस. पारीक, रामलाल सहित 14 विशेषज्ञ दिन-रात जुटे हैं, ताकि कोई भी खाली हाथ न लौटे।
यह शिविर केवल उपकरणों तक सीमित नहीं। यहां 52 दिव्यांगजन प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं और रोडवेज पास भी मौके पर ही बन रहे हैं। सामाजिक न्याय विभाग के उपनिदेशक नूतन कुमार शर्मा की टीम प्रशासनिक मोर्चे पर मोर्चाबंदी किए हुए है। दंत चिकित्सा शिविर में डॉ. वैभव पारीक ने 52 मरीजों का उपचार कर सेवा में अपना योगदान जोड़ा।
अजय इंडिया लिमिटेड के भोजन सहयोग और रजनीकांत आचार्य के कुशल संचालन में चल रहा यह शिविर 14 फरवरी तक जारी रहेगा। शिविर संयोजक मनोज माहेश्वरी और भैरूलाल अजमेरा का कहना है लक्ष्य सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद तक राहत पहुंचाना है। समापन समारोह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के राज्य मंत्री अविनाश गहलोत शिरकत करेंगे।


WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now