कुमाऊं विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का समापन


वैज्ञानिक उपकरणों की कार्यप्रणाली समझी, शोध को लेकर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार, पोस्टर और मौखिक प्रस्तुति के विजेता सम्मानित

नैनीताल। सरोवर नगरी स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय में एएनआरएफ परियोजना एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला के चौथे दिन प्रतिभागियों को आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। कार्यशाला के अंतिम दिन तकनीकी सत्र, विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण तथा पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर दिया जोर

डीएसबी कॉलेज की प्रोफेसर एवं कार्यशाला की कोऑर्डिनेटर गीता तिवारी ने कहा कि चार दिवसीय कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से नई जानकारियां सीखीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में वैज्ञानिक विभिन्न क्षेत्रों में नए मटेरियल और तकनीकों पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोध और तकनीकी विकास के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं और विद्यार्थियों के लिए इस तरह की कार्यशालाएं शोध की नई संभावनाओं को समझने में उपयोगी हैं।

टीजीए तकनीक की दी जानकारी

चौथे दिन के तकनीकी सत्र में सेहराज अली ने थर्मोग्रैविमेट्रिक विश्लेषण यानी टीजीए पर व्याख्यान दिया। उन्होंने टीजीए के मूल सिद्धांत, संचालन प्रक्रिया, अनुप्रयोग, लाभ और सीमाओं की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से नियंत्रित तापमान के साथ नमूने के द्रव्यमान में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है। धातु, धातु ऑक्साइड और कार्बनिक नमूनों के विश्लेषण में टीजीए की उपयोगिता एवं कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया गया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न नमूनों और उपकरणों के संचालन से जुड़े सवाल पूछे।

वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं का किया भ्रमण

तकनीकी सत्र के बाद प्रतिभागियों ने डीएसटी-एफआईएसटी प्रायोजित रसायन विज्ञान विभाग, अयारपाटा का भ्रमण किया। यहां उन्हें इलेक्ट्रोकेमिकल वर्कस्टेशन और पावर प्रोब की कार्यप्रणाली तथा अनुसंधान में इनके उपयोग की जानकारी दी गई।

इसके बाद प्रतिभागियों ने कैंसर रिसर्च लैबोरेटरी का भ्रमण किया। यहां उन्होंने स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन, पॉलिमर एक्सट्रूडर और मोल्डिंग उपकरणों की कार्यप्रणाली तथा वैज्ञानिक अनुप्रयोगों को समझा।

मटेरियल साइंस के शोध को बताया महत्वपूर्ण

समापन समारोह में पांडिचेरी विश्वविद्यालय के डॉ. पेरुमल एलुमलाई ने कहा कि देश मटेरियल साइंस और इससे जुड़े शोध के माध्यम से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने भविष्य में भी कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोध कार्यों में सहयोग करने की इच्छा जताई। उन्होंने कार्यशाला में सिखाई गई तकनीकों को विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण और उपयोगी बताया।

एरीज के निदेशक डॉ. मनीष के नाजा ने कहा कि वे भविष्य में एक्सआरडी से संबंधित शोध में कुमाऊं विश्वविद्यालय के साथ सहयोग कर अनुसंधान में योगदान देना चाहेंगे।

वहीं डीएसबी के कार्यकारी निदेशक प्रो. ललित तिवारी ने कहा कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने में मटेरियल साइंस का शोध महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे चीन और अमेरिका सहित अन्य देशों पर शोध एवं तकनीकी क्षेत्र में निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

पोस्टर और मौखिक प्रस्तुति के विजेता सम्मानित

कार्यशाला के अंतिम चरण में वैलिडिक्टरी एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार कुणाल जोशी, नीलम शर्मा एवं मानवी बत्रा को प्रदान किया गया।

वहीं सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार मनीषा जोशी को ‘Synthesis, Characterization and Application of Nanoparticles’ विषय पर उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए दिया गया।

समारोह में सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ, शॉल और उत्तराखंड टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. महेंद्र राणा ने किया।

शिक्षक, शोधार्थी और प्रतिभागी रहे मौजूद

समापन अवसर पर डॉ. नंद गोपाल साहू, डॉ. गीता तिवारी, डॉ. वीणा पांडे, डॉ. अर्चना नेगी साह, डॉ. महेश चंद्र आर्या, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. संतोष उपाध्याय, डॉ. गिरीश चंद्र खरकवाल, डॉ. आंचल अनेजा, डॉ. जोशी, डॉ. सतीश सती, डॉ. हिमानी तिवारी सहित शोधार्थी प्रियंका तिवारी, लता नितवाल, शीतल कोरंगा, भावना पांडे, अभिषेक, अंचल, अंकिता कुयाल, श्रेया, पूजा गुप्ता, नितेश, विजेता एवं वंदना शर्मा मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *