आखिरकार 19 वर्ष बाद दलित महिला को मिला न्याय


रिश्वतखोर लेखपाल निलंबित कब्जे से मिली जमीन

प्रयागराज। जनपद के यमुनानगर करछना थाना क्षेत्र के खाईं गांव की दलित महिला बच्चू आदिवासी को 19 वर्षों बाद आखिरकार अपनी पट्टे की जमीन वापस मिल गई। यह मामला प्रशासनिक उपेक्षा, भ्रष्टाचार और आम नागरिक की न्याय की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। वर्ष 2005 में मिली सरकारी पट्टे की भूमि पर महिला वर्षों से खेती कर रही थी, लेकिन गांव के भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया और उसकी खड़ी फसल तक काट ली। पीड़िता ने समाजसेवी अनिल शर्मा के साथ मिलकर लगातार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई की बजाय भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा। जमीन की पैमाइश के नाम पर लेखपाल विपिन यादव ने महिला से ₹35,000 की रिश्वत ली। कार्रवाई के अभाव में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन जब रिश्वत लेते हुए लेखपाल का वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन हरकत में आया। मामला जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद राजस्व टीम गांव पहुंची। मौके पर जमीन की पैमाइश कर कब्जा मुक्त कराया गया और महिला को उसकी जमीन सौंप दी गई। साथ ही रिश्वतखोरी में लिप्त लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जब आम जनता संगठित होकर आवाज उठाती है तो न्याय संभव है।


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