नई कार्यकारिणी की पहली बैठक में बनी कार्ययोजना; महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा और छप्पन भोग की तैयारी तेज
सांवरिया सेठ मंदिर में अब ‘भारतीय वेशभूषा’ में ही बैठ सकेंगे मुख्य यजमान
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। श्री सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट की नवगठित कार्यकारिणी की पहली साधारण सभा की बैठक में मंदिर की मर्यादा और परंपराओं को लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। रामधाम के पीछे माहेश्वरी भवन में आयोजित इस बैठक में तय किया गया कि अब मंदिर में होने वाले किसी भी हवन या अनुष्ठान में मुख्य यजमानों को अनिवार्य रूप से भारतीय परिधान पहनना होगा।
धोती और साड़ी पहनना होगा अनिवार्य ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडानी ने प्रस्ताव रखा कि धार्मिक आयोजनों की शुचिता बनाए रखने के लिए पुरुषों को धोती और महिलाओं को भारतीय गरिमा के अनुरूप (साड़ी आदि) वस्त्र धारण करने होंगे। इस निर्णय का उद्देश्य मंदिर की प्राचीन परंपराओं को अगली पीढ़ी तक सही रूप में पहुंचाना है।
पांच समितियों का गठन और आगामी कार्यक्रम बैठक में मंदिर के कार्यों को सुचारु बनाने के लिए पांच समितियों का गठन किया गया, जिसमें भंडार देखरेख, पूजा सामग्री और वित्त व्यवस्था जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं। सचिव कैलाश डाड ने बताया कि आगामी पुरुषोत्तम मास में छप्पन भोग, भव्य अन्नकूट और नौका विहार जैसे आकर्षण आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, नवनिर्मित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा और सत्संग भवन का लोकार्पण भी भव्य स्तर पर करने की योजना है।
इस अवसर पर संरक्षक डीपी अग्रवाल, उपाध्यक्ष कमल कंदोई और कोषाध्यक्ष चन्द्रप्रकाश आगाल सहित ट्रस्ट के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।