सवाई माधोपुर में बच्चों के अधिकारों और संरक्षण को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम हुआ, विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
सवाई माधोपुर, 24 सितंबर 2026। बच्चों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता को लेकर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार गुरुवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सवाई माधोपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बच्चों के मौलिक एवं विधिक अधिकारों, उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार, शोषण और उपेक्षा से सुरक्षा के उपायों तथा ऐसे मामलों में उपलब्ध विधिक सहायता एवं संरक्षण तंत्र के बारे में जागरूक करना रहा।
बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण का अधिकार
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने उपस्थित विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों और उनके संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में जीवन जीने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ होने वाला शारीरिक, मानसिक अथवा लैंगिक दुर्व्यवहार, शोषण और उपेक्षा उनके अधिकारों का उल्लंघन है। इसलिए यदि किसी बच्चे के साथ इस तरह के दुर्व्यवहार या शोषण की जानकारी सामने आती है, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित सक्षम प्राधिकारी को सूचना देना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बच्चों के संरक्षण से संबंधित प्रमुख कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी, ताकि वे बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी व्यवस्था को समझ सकें।
POCSO और किशोर न्याय अधिनियम की दी जानकारी
समीक्षा गौतम ने कार्यक्रम के दौरान लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO) तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इसके साथ ही उन्होंने नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं) योजना 2024, लीगल सर्विसेज यूनिट फॉर चिल्ड्रन तथा नालसा (मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों को विधिक सेवाएं) योजना 2024 के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया।
उन्होंने बच्चों के संरक्षण के लिए उपलब्ध विभिन्न विधिक एवं संस्थागत व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को इन व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बच्चों से जुड़े मामलों में उनकी सुरक्षा और अधिकारों को गंभीरता से समझना जरूरी है।
पात्र बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता
कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली विधिक सेवाओं के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र व्यक्तियों एवं बच्चों को निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है। बच्चों से संबंधित मामलों में उनकी सुरक्षा, गरिमा और सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जाती है।
उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में संबंधित संस्थाओं के माध्यम से आवश्यक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों को किशोर न्याय बोर्ड की कार्य प्रणाली के संबंध में भी जानकारी दी।
साइबर सुरक्षा को लेकर भी किया जागरूक
वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी। उन्होंने बच्चों और विद्यार्थियों को साइबर माध्यमों का उपयोग करते समय सावधानी बरतने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में उचित स्तर पर जानकारी देने के लिए जागरूक किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार अथवा शोषण की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना संबंधित सक्षम प्राधिकारी को दी जानी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और अन्य बच्चों को भी उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया।
महाविद्यालय प्राचार्य भी रहे उपस्थित
आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सवाई माधोपुर के प्रिंसीपल धीरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकार, संरक्षण, निःशुल्क विधिक सहायता, किशोर न्याय व्यवस्था और साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
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