जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, संभव अभियान और आंगनबाड़ी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए
प्रयागराज, 25 जून। जनपद में कुपोषण नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा पोषण संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए बुधवार को एनआईसी हॉल में जिला पोषण/कन्वर्जेंस समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने की।
बैठक में जिलाधिकारी ने बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वीएचएसएनडी सत्रों के नियमित निरीक्षण के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कुपोषित और अति कुपोषित श्रेणी के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
उन्होंने जिलास्तरीय अधिकारियों को प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाले वीएचएसएनडी (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
1 जुलाई से शुरू होगा संभव अभियान
बैठक में संभव अभियान जुलाई से सितंबर 2026 तक संचालित किए जाने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने पंचायत विभाग और स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए 1 जुलाई 2026 को संभव अभियान का शुभारंभ सुनिश्चित करें।
साप्ताहिक समीक्षा और आंगनबाड़ी निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विकास अधिकारी को योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने जनपद में निर्माणाधीन एवं अपूर्ण आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की नियमित निगरानी करने को कहा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लक्ष्य समय पर पूरे करने के निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को निर्देश दिए कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर लाभार्थियों का पंजीकरण कराते हुए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि जून से 15 जुलाई 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पुनः प्रशिक्षण देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को विकासखंड स्तर पर GMD प्रशिक्षण की पुनः व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इसी माह के भीतर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।
कई विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार, एडिशनल सीएमओ, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, जिला सूचना अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, अतिरिक्त जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों सहित कन्वर्जेंस विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पोषण योजनाओं की प्रगति, कुपोषण उन्मूलन के प्रयासों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
यह भी पढ़ें:

Prayagraj, Ouuta Pradesh
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।