प्रयागराज मंडल में 10 कोचिंग संस्थान सील, सुरक्षा मानकों में मिली गंभीर खामियां


लखनऊ अग्निकांड के बाद चलाए गए विशेष अभियान में प्रयागराज और कौशाम्बी के 10 संस्थान सील, 52 से अधिक कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण

प्रयागराज, 25 जून। लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) क्षेत्र में 22 जून 2026 को एक कोचिंग एवं एनीमेशन सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। इस अग्निकांड में 15 विद्यार्थियों की दुःखद मृत्यु के बाद शासन ने सभी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों और नियामकीय व्यवस्थाओं की जांच के निर्देश जारी किए थे।

इसी क्रम में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर प्रयागराज मंडल के सभी जनपदों में विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग एवं शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

प्रयागराज और कौशाम्बी में 10 संस्थान किए गए सील

प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अब तक जनपद प्रयागराज और कौशाम्बी में कुल 10 कोचिंग एवं शैक्षणिक संस्थानों को सील किया जा चुका है। वहीं मंडल के अन्य जनपदों सहित 52 से अधिक संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है।

निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा और नियामकीय मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

अग्निशमन एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट का अभाव

जांच में पाया गया कि अधिकांश संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग का वैध अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) उपलब्ध नहीं था।

इसके अलावा कई कोचिंग संस्थानों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था नहीं थी। अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना, क्योंकि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो सकता था।

अनुपयोगी अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा में लापरवाही

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई संस्थानों में लगाए गए अग्निशमन यंत्र या तो अनुपयोगी थे या उनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी।

प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की।

बेसमेंट में अवैध कक्षाएं और लाइब्रेरी संचालित

जांच के दौरान कई संस्थान स्वीकृत भू-उपयोग और भवन मानचित्र के विपरीत संचालित पाए गए।

कुछ स्थानों पर सुरक्षा और वेंटिलेशन संबंधी आवश्यक मानकों की अनदेखी करते हुए बेसमेंट में अवैध रूप से कक्षाएं और लाइब्रेरी संचालित की जा रही थीं। अधिकारियों ने इसे छात्रों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत गंभीर माना।

क्षमता से अधिक विद्यार्थी, विद्युत सुरक्षा में भी खामियां

निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जाना पाया गया। प्रशासन का मानना है कि ऐसी स्थिति में आपातकालीन घटनाओं के दौरान भगदड़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

इसके अलावा खुले और असुरक्षित विद्युत तार, धुआं निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था, वेंटिलेशन की कमी तथा विद्युत सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी गंभीर खामियां भी जांच में सामने आईं।

व्यावसायिक हितों को दी जा रही थी प्राथमिकता

अभियान के दौरान यह भी परिलक्षित हुआ कि कुछ संस्थानों द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा और निर्धारित मानकों के अनुपालन की अपेक्षा व्यावसायिक हितों को अधिक प्राथमिकता दी जा रही थी।

प्रशासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।

मंडलायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोचिंग संस्थानों की जांच लगातार जारी रखी जाए और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और मानकानुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

प्रयागराज में सील किए गए संस्थान

  1. खान ग्लोबल कोचिंग संस्थान, सिविल लाइन्स
  2. खान आईएएस कोचिंग, सिविल लाइन्स
  3. पितृ छाया कोचिंग एवं राव आईएएस, सिविल लाइन्स
  4. स्टेनली रोड क्षेत्र स्थित कंप्यूटर इंस्टीट्यूट एवं पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट

कौशाम्बी में सील किए गए संस्थान

  1. कौशाम्बी डिजिटल लाइब्रेरी, मंझनपुर
  2. मास्टर स्टडी, मंझनपुर
  3. डिजिटल क्लासेज, मंझनपुर
  4. अशोका लाइब्रेरी, भरवारी
  5. यूनिक क्लासेज, चायल
  6. शारदा डिजिटल लाइब्रेरी, कोरों रोड

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